बहेली के आदिवासी समाज का मैहर में प्रदर्शन, बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने का आरोप; DFO पर कार्रवाई की मांग
वन भूमि कब्जा हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद, आदिवासी समाज ने प्रशासन के सामने रखीं मांगें
मैहर। ग्राम बहेली के आदिवासी समाज के सैकड़ों लोग सोमवार को मैहर पहुंचे और वन विभाग की कार्रवाई को लेकर विरोध जताया। समाज के लोगों ने वन विभाग और DFO पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वन भूमि से कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आदिवासी समाज के लोगों का आरोप है कि जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई के दौरान भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर लोहे की रॉड से वार किए गए और प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया। उनका यह भी आरोप है कि चार JCB मशीनों की मदद से पक्का चबूतरा तोड़ा गया।
बैठने की जगह की मांग का दावा
समाज के लोगों ने कहा कि उनका उद्देश्य वन भूमि पर कब्जा करना नहीं था। उनका कहना है कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और भगवान बिरसा मुंडा से जुड़े कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। कार्यक्रमों में आने वाली भीड़ के लिए बैठने की व्यवस्था को लेकर उन्होंने कलेक्टर, DFO, SDM सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिए थे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिरसा मुंडा की प्रतिमा से उनकी धार्मिक और सामाजिक आस्था जुड़ी हुई है। प्रतिमा को नुकसान पहुंचने से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पूर्व स्थिति में स्थापित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
DFO ने कहा- कार्रवाई का उद्देश्य केवल वन भूमि को कब्जामुक्त कराना
वहीं, DFO विद्याभूषण मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य केवल वन भूमि को कब्जामुक्त कराना था। उन्होंने कहा कि किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना कार्रवाई का उद्देश्य नहीं था।
DFO के मुताबिक मामले में 4 नामजद आरोपियों और 60-70 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
प्रशासन के सामने चुनौती
घटना के बाद आदिवासी समाज में नाराजगी का माहौल है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखते हुए चेतावनी दी है कि यदि प्रतिमा को सही-सलामत वापस स्थापित नहीं किया गया और DFO के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने बेहद गंभीर और चिंताजनक भाषा में सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी भी दी।
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