केंद्रीय जेल बड़वानी में सुधार और पुनर्वास को नई दिशा, जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने किया निरीक्षण

Aug 9, 2026 - 12:18
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केंद्रीय जेल बड़वानी में सुधार और पुनर्वास को नई दिशा, जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने किया निरीक्षण
केंद्रीय जेल बड़वानी में सुधार और पुनर्वास को नई दिशा, जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने किया निरीक्षण
केंद्रीय जेल बड़वानी में सुधार और पुनर्वास को नई दिशा, जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने किया निरीक्षण
केंद्रीय जेल बड़वानी में सुधार और पुनर्वास को नई दिशा, जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने किया निरीक्षण

बड़वानी/भोपाल, 

 मध्यप्रदेश की जेलों को सुरक्षित, संवेदनशील और सुधारात्मक संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग लगातार नए प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने केंद्रीय जेल बड़वानी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था के साथ बंदियों के पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और कल्याणकारी गतिविधियों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान डॉ. कपूर ने जेल की बैरकों, सुरक्षा व्यवस्था, पाकशाला, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जेल में संचालित विभिन्न उद्योगों की कार्यप्रणाली और उनमें बंदियों की सहभागिता की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि जेल उद्योग बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

महिला बंदियों से किया संवाद

महिला वार्ड के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक ने महिला बंदियों से आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों को उपहार भी प्रदान किए गए।

‘जेलवाणी’ का किया शुभारंभ

केंद्रीय जेल बड़वानी में स्थापित ‘जेलवाणी’ का शुभारंभ भी डॉ. वरुण कपूर ने किया। उन्होंने स्वयं इसका संचालन कर इसकी कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने कहा कि ‘जेलवाणी’ बंदियों को प्रेरणादायी विचारों, संगीत, श्रवण और गायन जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम बनेगी। इससे बंदियों को सकारात्मक सोच के साथ परिवार और समाज से भावनात्मक रूप से जुड़े रहने में मदद मिलेगी।

विद्यालय और पुस्तकालय का शुभारंभ

डॉ. कपूर ने केंद्रीय जेल में नवसज्जित विद्यालय और पुस्तकालय का भी शुभारंभ किया। उन्होंने उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का निरीक्षण किया और बंदियों से संवाद कर उनकी शिक्षा एवं साक्षरता के स्तर की जानकारी ली।

उन्होंने बंदियों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए अध्ययन, आत्मविकास और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा बंदियों के पुनर्वास का सबसे प्रभावी माध्यम है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की मजबूत आधारशिला बन सकती है।

आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश

महानिदेशक ने जेल में संचालित सुधारात्मक गतिविधियों, उद्योगों और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए जेल प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बंदियों द्वारा प्रस्तुत मौखिक एवं लिखित आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। आवश्यक प्रकरणों को विचारार्थ जेल मुख्यालय भेजने के लिए भी कहा।

निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक सुश्री शेफाली तिवारी, जेल उप अधीक्षक श्री महेश प्रसाद टिकारिया, जेल उप अधीक्षक श्रीमती कुसुमलता डावर, मेडिकल ऑफिसर डॉ. कल्याणसिंह बेनल, सहायक जेल अधीक्षक श्री विनय काबरा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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