चेक डैम बना छात्रों की मजबूरी, जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे विद्यार्थी
विदिशा के ककरऊआ गांव में आठवीं के बाद पढ़ाई के लिए 12 किमी दूर जाना पड़ता है, बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
विदिशा। जिले के ककरऊआ गांव से विद्यार्थियों की परेशानी की तस्वीर सामने आई है। यहां आठवीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को रोजाना करीब 12 किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है। बारिश के मौसम में बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण विद्यार्थियों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो जाता है।
चेक डैम के पिलरों पर छलांग लगाकर पार करते हैं नदी
बेतवा नदी पर बने चेक डैम के आसपास पानी भर जाने के बाद सुरक्षित रास्ता नहीं बचता। ऐसे में विद्यार्थी करीब चार-चार फीट की दूरी पर बने कंक्रीट के पिलरों पर छलांग लगाते हुए नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के दौरान यह रास्ता बेहद जोखिम भरा हो जाता है।
कई बार स्कूल नहीं पहुंच पाते विद्यार्थी
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर छात्र-छात्राओं का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार उन्हें स्कूल नहीं जाने का फैसला लेना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। वर्षों से चली आ रही इस समस्या के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की पुल निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बेतवा नदी पर पुल निर्माण कराने या तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिए इस तरह जोखिम उठाने की स्थिति नहीं होनी चाहिए।
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने की बात कही है। अब ग्रामीणों और विद्यार्थियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई करते हुए सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था करेगा।
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