भोपाल में अंधे हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी और तीन विधि-विरुद्ध बालक हिरासत में
भोपाल। छोटे तालाब के धोबीघाट के पास मिले अज्ञात शव के मामले में तलैया और श्यामला हिल्स थाना पुलिस ने अंधे हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया है, जबकि तीन विधि-विरुद्ध बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के अनुसार घटना के पीछे आर्थिक लालच से जुड़ी एक गंभीर साजिश सामने आई है।
10 अगस्त को मिला था अज्ञात शव
पुलिस के मुताबिक 10 अगस्त 2026 को छोटे तालाब स्थित धोबीघाट के पास एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मृतक की पहचान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से जानकारी प्रसारित करने के साथ घर-घर जाकर फोटो दिखाकर पहचान का प्रयास किया। 15 अगस्त को तलैया थाने पहुंची एक महिला ने हाथ पर बने टैटू के आधार पर शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की। पुलिस के अनुसार मृतक इकबाल मैदान, रेतघाट, कमला पार्क, बस स्टैंड और रॉयल मार्केट क्षेत्र में पेन व चाबी के छल्ले बेचता था।
एक करोड़ 20 लाख रुपये के लालच में साजिश का आरोप
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर मृतक को निशाना बनाने की योजना आर्थिक लालच में बनाई थी। पुलिस के अनुसार जोहेब ने खुद को मेडिकल की पढ़ाई करने वाला बताकर एक विधि-विरुद्ध बालक से दोस्ती की थी। इसके बाद कथित तौर पर उसे एक वीडियो दिखाकर गंभीर अपराध की योजना के लिए तैयार किया गया।
पुलिस के मुताबिक योजना में बाद में अन्य लोगों को भी शामिल किया गया। 6 अगस्त को मृतक को लड़ाई में शामिल होने के बहाने अपने साथ ले जाया गया। रास्ते में अन्य आरोपी भी उनके साथ जुड़ गए और उसे छोटे तालाब के धोबीघाट की ओर ले जाया गया।
जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने घटना के बाद शव के साथ गंभीर आपराधिक कृत्य करने की बात बताई। पुलिस का दावा है कि योजना के मुताबिक संबंधित सामग्री को बेचने का प्रयास किया गया, लेकिन सौदा नहीं हो सका। बाद में उसे वापस तालाब में फेंक दिया गया।
पुलिस ने मामले में आमिर कुरैशी और जोहेब खान को हिरासत में लिया है। इनके अलावा तीन विधि-विरुद्ध बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
मामले की विवेचना एसीपी कोतवाली संभाग संतोष पटेल को सौंपी गई थी। थाना तलैया के निरीक्षक दीपक डहेरिया और थाना श्यामला हिल्स की निरीक्षक नीलम पटवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच आगे बढ़ाई। अधिकारियों के निर्देशन में मुखबिर तंत्र और तकनीकी जांच की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस के अनुसार कार्रवाई में एसीपी संतोष पटेल, थाना प्रभारी दीपक डहेरिया, थाना प्रभारी नीलम पटवा सहित दोनों थानों के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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