दतिया उपचुनाव के बीच नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान, बोले- ‘मेरी राजनीति का अब पटाक्षेप हो गया’
दतिया। दतिया उपचुनाव के नतीजों के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के एक बयान ने सियासी हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। एक टीवी चैनल से बातचीत में मिश्रा ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब उनकी किसी पद की आकांक्षा नहीं है।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कभी लोकसभा या राज्यसभा का टिकट नहीं मांगा। उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जरूर जताई थी, लेकिन पार्टी ने किसी अन्य उम्मीदवार को मौका दिया।
उन्होंने कहा, “मैं 30 साल विधायक रहा हूं और पार्टी ने मुझे 15 साल मंत्री रखा। मेरी राजनीति का अब पटाक्षेप हो गया है।”
अब पद की नहीं, कार्यकर्ता की भूमिका की इच्छा
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि अब उनकी किसी पद की इच्छा नहीं है। वह भाजपा के एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी के लिए काम करते रहना चाहते हैं। मिश्रा के मुताबिक, पिछले करीब ढाई वर्षों से पार्टी की ओर से उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी गई, उसे उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाया है और आगे भी पार्टी के लिए इसी तरह काम करते रहेंगे।
दतिया चुनाव परिणाम को लेकर चर्चाएं तेज
दतिया उपचुनाव के परिणामों के बीच भाजपा के स्थानीय संगठन और बूथ प्रबंधन को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में दावा किया जा रहा है कि कुछ बूथों पर भाजपा अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी, जबकि कांग्रेस ने कई बूथों पर बेहतर प्रदर्शन किया।
हालांकि, संगठन के प्रदर्शन को लेकर भाजपा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मिश्रा के बयान के सियासी मायने
नरोत्तम मिश्रा का बयान ऐसे समय सामने आया है, जब दतिया के चुनावी नतीजों को मध्य प्रदेश की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। करीब 30 वर्षों तक विधायक और 15 वर्षों तक मंत्री रहे मिश्रा का सक्रिय पदों से दूरी बनाने वाला बयान आने वाले समय में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे सकता है।
फिलहाल मिश्रा ने संकेत दिया है कि वह किसी पद की दौड़ में नहीं हैं और भाजपा के एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर संगठन के लिए काम करते रहेंगे।
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