बिजली कंपनियों का जनता पर 'पावर अटैक': मध्य प्रदेश में फिर महंगी हुई बिजली, 2 करोड़ उपभोक्ताओं की जेब ढीली होना तय!
भोपाल।
मध्य प्रदेश की आम जनता पर एक बार फिर से महंगाई का जोर का झटका लगा है! प्रदेश की बिजली कंपनियों ने ईंधन लागत और पावर परचेज के नाम पर जनता की जेब काटने की पूरी तैयारी कर ली है। फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPCA) में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसका सीधा असर राज्य के 2 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर पड़ने वाला है।
2.77% का अतिरिक्त बोझ, ₹35 से ₹70 तक बढ़ेगा बिल!
बिजली कंपनियों की इस 'धुरंधर' कारस्तानी के तहत सरचार्ज को 1.11 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधा 3.88 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी अब आपके हर महीने आने वाले बिजली बिल में 2.77 प्रतिशत का अतिरिक्त सरचार्ज जुड़कर आएगा।
* 200 से 300 यूनिट खपत वाले परिवार निशाने पर: जिन घरों में हर महीने 200 से 300 यूनिट बिजली की खपत होती है, उनके अगस्त महीने के बिल में 35 से 70 रुपये तक का अतिरिक्त झटका लगना तय है।
कम बारिश का बहाना और ग्रामीण इलाकों में अंधेरा!
बिजली कंपनियों का रोना है कि इस बार बारिश कम हुई है, जिससे जलविद्युत परियोजनाओं में उत्पादन घट गया है।
* उत्पादन घटते ही आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।
* सबसे बुरा हाल ग्रामीण इलाकों का है, जहाँ रात के समय कई-कई घंटों तक अघोषित बिजली कटौती का सामना लोगों को करना पड़ रहा है।
* यानी एक तरफ बिल महंगा और दूसरी तरफ बिजली गायब!
क्या कहती है कंपनी?
मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी का कहना है कि जुलाई 2026 के लिए फ्यूल एंड पावर परचेज सरचार्ज 3.88% निर्धारित किया गया है और कंपनियों के पास इसके अलावा कोई चारा नहीं था।
What's Your Reaction?