बस किराया बढ़ने से आम यात्रियों की जेब पर बढ़ा बोझ, बढ़ती महंगाई के बीच बढ़ी चिंता
नौकरी-पढ़ाई और रोजमर्रा के कामों के लिए बसों पर निर्भर लोगों पर सीधा असर, यात्रियों ने सुविधाएं बढ़ाने की मांग की
भोपाल। प्रदेश में बस किराये में बढ़ोतरी लागू होने के बाद आम यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रोजाना नौकरी, पढ़ाई, व्यापार और अन्य जरूरी कामों के लिए बस से सफर करने वाले यात्रियों के मासिक बजट पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। पहले से महंगाई का सामना कर रहे लोगों के लिए बढ़ा हुआ किराया अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गया है।
संचालकों ने बढ़ती लागत को बताया वजह
बस संचालकों का कहना है कि डीजल की कीमतों के साथ वाहनों के रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन जैसी लागत लगातार बढ़ रही है। बढ़ते खर्च के बीच बसों का संचालन करना मुश्किल हो रहा था, इसलिए किराये में बढ़ोतरी जरूरी थी।
यात्रियों की मांग- किराया बढ़ा तो सुविधाएं भी बढ़ें
दूसरी ओर यात्रियों का कहना है कि किराये में बढ़ोतरी के साथ बस सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होना चाहिए। यात्रियों ने बसों की समयबद्धता, साफ-सफाई, सुरक्षा और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ा हुआ किराया तभी उचित लगेगा, जब यात्रियों को उसके अनुरूप बेहतर सेवा मिले।
छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को राहत की उम्मीद
किराया वृद्धि के बीच छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और रोजाना यात्रा करने वाले नियमित यात्रियों के लिए रियायत दिए जाने की मांग भी उठ रही है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन आम आदमी की जरूरत है, इसलिए किराया तय करते समय आर्थिक रूप से कमजोर और नियमित यात्रियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
आने वाले दिनों में दिखेगा असर
बस किराये में बढ़ोतरी का सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल और यात्रियों की संख्या पर कितना असर पड़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। यात्रियों की उम्मीद है कि किराये में बढ़ोतरी के साथ परिवहन विभाग बस सेवाओं की निगरानी बढ़ाएगा और यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध एवं बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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