खाद्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई: शहर के दो पेट्रोल पंपों पर गड़बड़ी उजागर, अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा भी धराया
भोपाल।
कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद खाद्य विभाग का जांच दस्ता एक्शन मोड में नजर आया। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह के मार्गदर्शन में अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शहर के पेट्रोल पंपों से लेकर अवैध गैस रिफिलिंग के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। इस दौरान दो प्रमुख पेट्रोल पंपों पर गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, तो वहीं माता मंदिर के पास चल रहे अवैध गैस अंतरण के काले कारोबार का भी भंडाफोड़ किया गया।
जांच दल में सहायक आपूर्ति अधिकारी संदीप भार्गव, सुनील वर्मा, पीयूष शुक्ला, वसुंधरा पेंड्रो सहित कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी तृणाल जांभोलकर एवं भावना तिवारी शामिल रहे।
1. कमला पार्क HPCL: विस्फोटक लाइसेंस का उल्लंघन, 2 एक्स्ट्रा यूनिट मिलीं
जांच टीम सबसे पहले कमला पार्क स्थित 'योर सर्विस स्टेशन' (HPCL) पहुंची। यहां पेट्रोल-डीजल का स्टॉक तो निर्धारित छूट सीमा के भीतर मिला, लेकिन विस्फोटक अनुज्ञप्ति का बड़ा उल्लंघन सामने आया। स्वीकृत नक्शे और लाइसेंस के विपरीत पंप पर 2 अतिरिक्त डिस्पेंसिंग यूनिट संचालित होती पाई गईं, जिस पर टीम ने कड़ा संज्ञान लिया।
2. P&T चौराहा RK पेट्रोलियम: नाप में 50 ML की चोरी, टैंक में मिला 116 लीटर पानी
इसके बाद टीम ने पी एंड टी चौराहे पर स्थित 'RK पेट्रोलियम' पर दबिश दी। जांच के दौरान पेट्रोल-डीजल का स्टॉक तो सही पाया गया, लेकिन जमीनी हकीकत देखकर अधिकारी भी दंग रह गए:
* डीजल टैंक में पानी: भूमिगत डीजल टैंक में 116 लीटर पानी जमा पाया गया, जिससे गाड़ियों के इंजन खराब होने का सीधा खतरा था।
* कम नाप का खेल: पेट्रोल के एक नोजल की जांच की गई तो वह प्रति माप 50 एमएल कम तेल दे रहा था।
गंभीर धांधली सामने आते ही अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कम नापने वाले पेट्रोल नोजल को सील कर दिया। साथ ही, एरिया सेल्स मैनेजर और पंप संचालक को सख्त हिदायत दी गई कि जब तक टैंक से पूरा पानी बाहर नहीं निकाला जाता, तब तक डीजल की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी।
1. खाटू श्याम मंदिर के पास छापा: अवैध गैस रिफिलिंग गिरोह पर नकेल
पेट्रोल पंपों के अलावा टीम ने खाटू श्याम मंदिर माता मंदिर के पास एक जर्जर मकान में चल रहे अवैध खेल को भी बेनकाब किया। वहां रिहाइशी इलाके में जान-माल को खतरे में डालते हुए इलेक्ट्रिक मोटर मशीन के जरिए घरेलू एलपीजी सिलेंडरों से वाहनों में अवैध रूप से गैस भरी जा रही थी। मौके से भारत गैस कंपनी के 2 घरेलू सिलेंडर और 1 HP की गैस ट्रांसफर मोटर जब्त की गई।
कलेक्टर कोर्ट में होगी पेशी
खाद्य विभाग की इस चौतरफा कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तीनों मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिए गए हैं। इन सभी मामलों को आगे की सख्त दंडात्मक कार्रवाई के लिए सीधे कलेक्टर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
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