दत्त मंदिर में सुरों की महफिल, सांस्कृतिक एवं संगीतमय कार्यक्रम का हुआ समापन

Jul 11, 2026 - 12:40
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दत्त मंदिर में सुरों की महफिल, सांस्कृतिक एवं संगीतमय कार्यक्रम का हुआ समापन

भोपाल। दत्त मंदिर प्रांगण में सोल म्यूजिकल ग्रुप द्वारा आयोजित सांस्कृतिक एवं संगीतमय कार्यक्रम का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में समूह के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक फिल्मी और भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान सुर, लय और ताल का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे वातावरण संगीत की मधुरता से सराबोर हो गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसमें जूही राजावत ने भक्ति गीत "तुम ही मंदिर हो" प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इसके बाद डॉ. अनिल बाजपेयी ने "ओ रे ताल मिले रे नदी के जल में" तथा कार्यक्रम का टाइटल सॉन्ग प्रस्तुत किया। पूर्व रिटायर्ड जज मीना भट्ट ने "मेरा दिल ये पुकारे आजा", दिशा झा ने "मिलो न तुम तो हम घबराए", प्रीति गर्ग ने "कुछ न कहो", किरण ने "दिल ढूंढता है फिर वही", रहमान ने "बड़े बेवफा हैं ये हुस्न वाले", सूरज (सूरदास) प्रजापति ने "मेरी आवाज सुनो", रंजना गुप्ता ने "मेरे नैना सावन भादों", शैलेंद्र शर्मा ने "रात कली एक ख्वाब में आई", प्रीत मिश्रा ने "ये दिल और उनकी निगाहों के साए" तथा डॉ. लियाड ने "सर जो तेरा चकराए" गीतों की प्रस्तुति दी।

भक्ति संगीत की प्रस्तुति में अभिषेक तिवारी ने "कभी राम बनके, कभी श्याम बनके" गाकर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आयोजन पंचम झा ने किया। इस अवसर पर डॉ. कु. अरुण सिंह, डॉ. रहीम झा एवं श्रीमती अर्चना विजय खंडेलवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक और संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। 

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