भोपाल बनेगा अंतरराष्ट्रीय संस्कृति का केंद्र: 5 अगस्त से सजेगा ब्रिक्स देशों का महाकुंभ
भोपाल।
झीलों की नगरी भोपाल 5 से 8 अगस्त तक वैश्विक सांस्कृतिक विमर्श का गवाह बनने जा रही है। 4 दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स संस्कृति सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के संस्कृति मंत्री, उच्च स्तरीय प्रतिनिधि और नामचीन कलाकार जुटेंगे। यह आयोजन न केवल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, बल्कि सांस्कृतिक कला और धरोहरों के प्रदर्शन का भी बड़ा मंच बनेगा।
कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने कमिश्नर कार्यालय में बैठक लेकर तैयारियों का जायजा लिया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की संचालक प्रियंका चंद्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ीं। बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, स्मार्ट सिटी सीईओ अंजू कुमार, संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव और जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी भी उपस्थित रहे।
कमिश्नर शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आयोजन की हर व्यवस्था भारतीय संस्कृति, परंपरा और गौरव के अनुरूप वैश्विक मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य के अधिकारियों को माइक्रो प्लानिंग के साथ काम करने को कहा।
4 दिवसीय कार्यक्रम की झलक:
* 5 अगस्त: मिंटो हॉल में तकनीकी समितियों की बैठक से आगाज़। शाम को प्रतिनिधि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की कलात्मक दुनिया का दीदार करेंगे।
* 6 अगस्त: दूसरे दिन भी मिंटो हॉल में रणनीतिक बैठकें होंगी। शाम को रवींद्र भवन में रंगारंग 'ब्रिक्स कल्चरल फेस्टिवल' सजेगा, जहाँ विदेशी कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे।
* 7 अगस्त: ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों का आगमन। प्रतिनिधिमंडल ट्राइबल म्यूजियम, वन विहार और राज्य संग्रहालय का भ्रमण करेगा। शाम 5 से 7 बजे तक रवींद्र भवन में मुख्य कल्चरल शो का आयोजन होगा।
* 8 अगस्त: सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संस्कृति मंत्रियों की मुख्य शिखर बैठक होगी। इसके बाद सभी प्रतिनिधि विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप के दर्शन के लिए रवाना होंगे।
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