नाली निर्माण बना मुसीबत, गुणवत्ता और भ्रष्टाचार को लेकर उठे सवाल
रिपोर्ट--- आकाश नामदेव
बिना लेआउट और उचित जल निकासी व्यवस्था के निर्माण का आरोप, सड़क पर कीचड़ से लोग परेशान; कमजोर ढक्कनों और टूटी पेयजल पाइपलाइन ने बढ़ाई मुश्किलें, कार्रवाई नहीं होने पर परिषद घेराव की चेतावनी
अनूपपुर/बरगवां अमलाई।
नगर परिषद बरगवां अमलाई के वार्ड क्रमांक-1 में चल रहा नाली निर्माण कार्य अब स्थानीय रहवासियों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। विकास कार्य के नाम पर हो रहे निर्माण में लापरवाही और गुणवत्ता की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं। वार्डवासियों का कहना है कि नाली निर्माण से जल निकासी की समस्या दूर होने के बजाय आवागमन और पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
बिना लेआउट और नक्शे के निर्माण का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली निर्माण शुरू करने से पहले उचित लेआउट, लेवल और नक्शा तैयार नहीं किया गया। सबसे बड़ा सवाल नाली के अंतिम छोर को लेकर है। लोगों के मुताबिक, नाली का पानी आखिर कहां जाएगा, इसकी कोई स्पष्ट व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। ऐसे में निर्माण कार्य की उपयोगिता और तकनीकी योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सड़क पर मिट्टी और कीचड़ से आवागमन प्रभावित
नाली की खुदाई से निकली मिट्टी सड़क पर फैली हुई है। इससे रास्ते पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति बन गई है। वार्डवासियों के अनुसार मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों के फिसलकर घायल होने की बात भी सामने आई है। घरों के सामने रास्ता बाधित होने से लोगों को पैदल निकलने में भी दिक्कत हो रही है।
डेढ़ इंच की ढलाई और कमजोर ढक्कनों पर सवाल
निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी रहवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नाली के बेस में लगभग डेढ़ इंच की ढलाई की गई है। नाली के ढक्कन इतने कमजोर बताए जा रहे हैं कि उन पर पैर रखते ही दरारें पड़ने लगी हैं। कहीं नाली सड़क से ऊंची तो कहीं नीचे बनाई जा रही है। लोगों ने निर्माण के नीचे खोखलापन होने और तकनीकी मानकों की अनदेखी किए जाने का भी आरोप लगाया है।
पेयजल पाइपलाइन टूटने से हजारों लीटर पानी बर्बाद
नाली निर्माण के दौरान नगर परिषद की पेयजल सप्लाई की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने का आरोप भी लगाया गया है। वार्डवासियों का कहना है कि पाइपलाइन की मरम्मत कराने के बजाय उसके ऊपर ही नाली की ढलाई कर दी गई। इससे पेयजल सड़क पर बह रहा है और प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। लोगों ने तत्काल पाइपलाइन दुरुस्त कराने की मांग की है।
जांच और कार्रवाई की मांग, परिषद घेराव की चेतावनी
वार्डवासियों ने नगर परिषद से नाली निर्माण के लेआउट, तकनीकी स्वीकृति और एस्टीमेट की जांच कराने की मांग की है। साथ ही निर्माण स्थल पर इंजीनियर की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करने, निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने, क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन को तत्काल ठीक कराने और सड़क से मिट्टी हटवाकर आवागमन सुचारु करने की मांग उठाई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी राशि से होने वाले निर्माण कार्य में गुणवत्ता और जनसुविधाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि जल्द ही समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो वार्डवासी नगर परिषद कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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