जैतहरी पुलिस की बड़ी कार्यवाही एक रात में पकड़े गये 96 मवेशी
काटने के लिए यूपी भेजने की चल रहीं थी तैयारी
3 आरोपी गिरफ्तार
अनूपपुर/जैतहरी। जैतहरी थाना क्षेत्र के ग्राम लपटा में पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 96 से पशुओं को अपने कब्जे में लिया है। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी जब्त किया है। एक ही कार्रवाई में इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की बरामदगी ने पूरे क्षेत्र में चल रहे कथित पशु तस्करी के नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में जैतहरी थाना पुलिस एवं वेंकटनगर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। पुलिस की इस कार्रवाई को शहडोल संभाग में पशु तस्करी के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। यदि बरामद पशुओं की संख्या और पूरे मामले की जांच में सामने आने वाले तथ्यों की पुष्टि होती है, तो यह कार्रवाई प्रदेश स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आ सकती है।
लपटा को लेकर लंबे समय से उठते रहे सवाल
सूत्रों के मुताबिक लपटा क्षेत्र में लंबे समय से बड़ी संख्या में पशुओं को एकत्र कर उन्हें दूसरे स्थानों तक भेजे जाने की गतिविधियों की चर्चाएं होती रही हैं। अब एक साथ 100 से अधिक पशुओं की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पशु कहां से लाए गए, इन्हें कहां ले जाया जा रहा था और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
पुलिस यदि पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाती है तो केवल मौके पर पकड़े गए आरोपियों तक कार्रवाई सीमित न रहकर कथित नेटवर्क के अन्य संचालकों, पशु उपलब्ध कराने वालों, परिवहन से जुड़े लोगों तथा अंतिम गंतव्य तक इसकी जांच पहुंच सकती है।
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि पशुओं की खरीद-फरोख्त किस स्तर पर हुई, उनका परिवहन किसके इशारे पर किया जा रहा था और इस पूरे कारोबार में आर्थिक लेन-देन किन लोगों के बीच हुआ।
क्या सामने आएंगे बड़े तस्कर
तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ को इस मामले में अहम माना जा रहा है। पुलिस यदि आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करते हुए मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, व्हाट्सऐप चैट, बैंकिंग लेन-देन, वाहनों की आवाजाही और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी की जांच करती है, तो कथित तस्करी नेटवर्क की कई परतें खुल सकती हैं।
जांच का दायरा बढ़ने पर यह भी स्पष्ट हो सकता है कि पशुओं को कहां से एकत्र किया गया था और उन्हें किस स्थान पर भेजा जाना था। इसके अलावा यदि किसी संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो पुलिस के लिए यह कार्रवाई और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।
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