अनूपपुर में धान उपार्जन घोटाला: महिला समूहों के नाम पर करोड़ों का खेल, जांच के आदेश के बाद भी कार्रवाई ठंडे बस्ते में*

Oct 1, 2026 - 20:33
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अनूपपुर में धान उपार्जन घोटाला: महिला समूहों के नाम पर करोड़ों का खेल, जांच के आदेश के बाद भी कार्रवाई ठंडे बस्ते में*

तत्कालीन कलेक्टर हर्षल पंचोली ने गठित की थी जांच कमेटी, एक साल बाद भी रिपोर्ट का पता नहीं; अपात्र समूहों को भुगतान, भाजपा मंडल अध्यक्ष के खाते में 7 लाख ट्रांसफर*

अनूपपुर।जिले में धान उपार्जन में घोटाला नई बात नहीं है, लेकिन इस बार घोटाले के तार सीधे अधिकारियों और राजनीतिक रसूखदारों से जुड़ रहे हैं। उपार्जन वर्ष 2024-25 में खाद्य विभाग और एनआरएलएम की मिलीभगत से भोपाल से अपात्र घोषित समूहों को ही धान खरीदी का जिम्मा दे दिया गया और नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों का भुगतान भी कर दिया गया।

इस मामले में शिकायत मिलने के बाद *तत्कालीन कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जांच के आदेश दिए थे और एक जांच कमेटी भी गठित की थी, लेकिन जांच कहां पहुंची, क्या कार्रवाई हुई - आज तक किसी को पता नहीं चला।* जबकि 15 सितंबर से 10 अक्टूबर तक नए सत्र की धान खरीदी का पंजीयन फिर शुरू हो गया है और उन्हीं मठाधीशों को फिर से क्लीन चिट देकर खरीदी का जिम्मा देने की तैयारी चल रही है।

*भोपाल ने किया अपात्र, जिले में उसी से कराई खरीदी*

संचालनालय भोपाल ने 2024-25 में तीन समूहों को अपात्र घोषित किया था। इसके बाद खाद्य विभाग ने संशोधित सूची जारी की। 18 दिसंबर 2024 को आदेश जारी हुआ -

- जीवन ज्योति संकुल संगठन अनूपपुर को - विपणन परिसर जैतहरी

- एकता ग्राम संगठन टकूहली को - कृषि उपज मंडी जैतहरी

- सहारा संकुल संगठन जैतहरी को - मैदान ग्राम मनौरा-मानिकपुर

इस फेरबदल के कारण 1 दिसंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी 22 दिसंबर 2024 को शुरू हो पाई। आरोप है कि जिला खाद्य अधिकारी अनीता सोरते, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी और एनआरएलएम प्रबंधक शशांक सिंह ने आवंटित पात्र संगठनों की जगह अपात्र घोषित *प्रिया स्व-सहायता समूह शिवनी, दुर्गा-2 समूह बलबहरा और संस्कार समूह चोरभठी* से ही खरीदी करा ली।

*सबसे बड़ा खेल - भाजपा मंडल अध्यक्ष के खाते में भुगतान*

जैतहरी के मनौरा-मानिकपुर केंद्र का आवंटन सहारा संकुल संगठन के नाम था, लेकिन खरीदी संस्कार समूह चोरभठी से कराई गई। दस्तावेजों के अनुसार इसका भुगतान सहारा संकुल के खाता क्र. 3518610917 से चेक क्र. 077638 दिनांक 31.10.2025 द्वारा *7,46,294 रुपये* सीधे *भाजपा मंडल अध्यक्ष वेंकटनगर विजय सिंह राठौर* के खाता क्र. 2193684959 में ट्रांसफर किया गया। बताया जा रहा है कि विजय सिंह राठौर संस्कार समूह की सदस्य सावित्री राठौर के पुत्र हैं।

*फर्जी दस्तावेज से 8 लाख और 10 लाख का खेल*

1. *जीवन ज्योति संकुल मामला:* पात्र संगठन जीवन ज्योति को आवंटित केंद्र की खरीदी प्रिया समूह शिवनी ने की। आरोप है कि समूह की अध्यक्ष गिरिजा राठौर ने फर्जी दस्तावेज लगाकर जीवन ज्योति के खाता क्र. 3598916113 से चेक क्र. 086865 दिनांक 01.12.2025 को *8 लाख रुपये* अपने कब्जे में ले लिए।

2. *एकता ग्राम संगठन मामला:* एकता ग्राम संगठन टकूहली के नाम आवंटित मंडी जैतहरी की खरीदी दुर्गा-2 समूह बलबहरा ने की और एकता संगठन के खाता क्र. 36047024646 से चेक क्र. 448257 दिनांक 25.11.2025 द्वारा *10 लाख रुपये* दुर्गा-2 समूह के खाता क्र. 3898273361 में भेज दिए गए।

*जांच के नाम पर खानापूर्ति?*

इस पूरे भ्रष्टाचार की शिकायत जब तत्कालीन कलेक्टर हर्षल पंचोली तक पहुंची तो उन्होंने जांच कमेटी के गठन के आदेश दिए थे। सूत्रों के अनुसार कमेटी ने प्रारंभिक जांच भी की थी, लेकिन कलेक्टर के तबादले के बाद फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। आज तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई और न ही किसी अधिकारी या समूह पर कार्रवाई हुई।

अब सवाल यह है कि जब भोपाल से अपात्र घोषित समूहों से ही खरीदी करानी थी तो संशोधित सूची क्यों जारी की गई? और जब भुगतान पात्र संगठनों के खाते से होना था तो पैसा निजी खातों में कैसे पहुंचा? इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर एफआईआर की मांग उठने लगी है।

इधर मामले में जानकारी के लिए कलेक्टर अनूपपुर रत्नाकर झा को कॉल किया गया लेकिन फोन रिसीव ही नहीं हुआ।

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