MP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: नए मुख्य सचिव के आते ही 20 IAS अधिकारियों के तबादले, 6 जिलों को मिले नए कलेक्टर
भोपाल।
मध्यप्रदेश में नए मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के पदभार ग्रहण करने के साथ ही राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी देर रात के आदेश में 20 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस बदलाव में मंत्रालय के कई अहम विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ रतलाम, अनूपपुर, शहडोल, खरगोन, मंदसौर और आगरमालवा जिलों के कलेक्टर भी बदल दिए गए हैं।
राज्य सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा और कार्यकुशलता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए मुख्य सचिव के कार्यभार संभालने के तुरंत बाद हुए इस व्यापक फेरबदल ने प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां
तबादला आदेश के अनुसार, डॉ. राजेश कुमार राजौरा को नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी का महानिदेशक बनाया गया है। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई को ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा MSME विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
वहीं, सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। राघवेन्द्र कुमार सिंह को वन एवं आनंद विभाग का प्रमुख सचिव तथा संदीप यादव को जल संसाधन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में भी अहम बदलाव करते हुए डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े को मुख्यमंत्री का सचिव और कुमार पुरुषोत्तम को मुख्यमंत्री का अपर सचिव नियुक्त किया गया है।
छह जिलों में बदले गए कलेक्टर
राज्य सरकार ने छह जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति की है—
रतलाम: अजय कटेसरिया
अनूपपुर: रत्नाकर झा
शहडोल: मिशा सिंह
खरगोन: गुरू प्रसाद
मंदसौर: दिव्यांक सिंह
आगरमालवा: डॉ. शेर सिंह मीना
इंदौर संभाग में भी बदलाव
भास्कर लक्षकार को इंदौर संभाग का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। उन्हें नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA-फील्ड) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसके अलावा मनीष सिंह को ऊर्जा विभाग तथा डॉ. ई. रमेश कुमार को नर्मदा घाटी विकास विभाग (NVDA) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
प्रशासनिक कामकाज में आएगी नई गति
राज्य सरकार का यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए अधिकारियों की नियुक्ति से विभिन्न विभागों और जिलों में प्रशासनिक कार्यों की गति तेज होने और बेहतर समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है।
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