MP में भारी बारिश के बीच SDERF और होमगार्ड का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, 380 नागरिकों को सुरक्षित निकाला
आगर मालवा के सोयत में जलभराव के बीच रेस्क्यू, उज्जैन के रामघाट पर होमगार्ड जवान ने युवक की बचाई जान
भोपाल, 11 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। जलभराव और बाढ़ जैसे हालात के बीच राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF), होमगार्ड्स और सिविल डिफेंस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात टीमों द्वारा जरूरतमंद नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
आगर मालवा में 380 लोगों का रेस्क्यू
आगर मालवा जिले के थाना सोयत क्षेत्र में भारी बारिश के चलते गंभीर जलभराव की स्थिति निर्मित हुई। सूचना मिलते ही SDERF, होमगार्ड्स और आपदा राहत टीम (DRC) मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
टीमों ने बिजली ऑफिस कॉलोनी से 250, माधव चौक से 70 और इंदौर-कोटा हाईवे से 60 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस तरह कुल 380 नागरिकों को जलभराव वाले क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों तक पहुंचाया गया।
रामघाट पर उफनती क्षिप्रा में युवक को बचाया
उज्जैन के प्रसिद्ध रामघाट पर क्षिप्रा नदी के तेज बहाव के बीच स्नान के दौरान तीन नागरिकों के बहने और डूबने की आपात स्थिति बन गई।
घाट पर तैनात होमगार्ड जवान जीवन सोलंकी ने बिना समय गंवाए कार्रवाई करते हुए तेज बहाव वाले पानी में उतरकर 21 वर्षीय जय सिसौदिया, निवासी नानाखेड़ा उज्जैन, को सुरक्षित बाहर निकाला।
युवक को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जवान की तत्परता से युवक की जान बचाई जा सकी।
संवेदनशील जिलों में 24 घंटे निगरानी
SDERF मुख्यालय भोपाल द्वारा प्रदेश के संवेदनशील एवं जलभराव वाले जिलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। राहत एवं बचाव दलों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
महानिदेशक होमगार्ड, सिविल डिफेंस एवं आपदा प्रबंधन (SDERF) श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के अनुसार, भारी बारिश को देखते हुए संवेदनशील जिलों में QRT, आपदा राहत वाहन, रेस्क्यू बोट और आवश्यक उपकरण तैयार रखे गए हैं।
नदी-नालों से दूर रहने की अपील
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नालों, पुल-पुलियाओं और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। उफनते जलस्रोतों के आसपास किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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