12 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, भारत में होगी रात तो यूरोप के कुछ हिस्सों में छा जाएगा दिन में अंधेरा

Aug 11, 2026 - 22:03
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12 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, भारत में होगी रात तो यूरोप के कुछ हिस्सों में छा जाएगा दिन में अंधेरा
12 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, भारत में होगी रात तो यूरोप के कुछ हिस्सों में छा जाएगा दिन में अंधेरा
12 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, भारत में होगी रात तो यूरोप के कुछ हिस्सों में छा जाएगा दिन में अंधेरा

सारिका घारू ने बताया महा-ग्रहण का विज्ञान, भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

भोपाल, 11 अगस्त 2026।

12 अगस्त 2026 को अंतरिक्ष में इस साल की प्रमुख खगोलीय घटनाओं में से एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होने जा रहा है। इस दौरान चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य को पूरी तरह ढक देगा। ग्रहण का पूर्ण चरण उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। वहीं यूरोप के बड़े हिस्से सहित उत्तरी अमेरिका के कई क्षेत्रों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने इस खगोलीय घटना को लेकर वैज्ञानिक जानकारी साझा करते हुए लोगों से ग्रहण को अंधविश्वास से जोड़ने के बजाय विज्ञान और प्रकृति की अद्भुत घटना के रूप में समझने की अपील की है।

27 साल बाद यूरोप में फिर दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण

12 अगस्त का ग्रहण यूरोप के लिए खास महत्व रखता है। मुख्य भूमि यूरोप में वर्ष 1999 के बाद पहली बार पूर्ण सूर्य ग्रहण का दृश्य देखने को मिलेगा। 1999 के बाद करीब 27 वर्ष के अंतराल पर यूरोप के कुछ हिस्सों में दिन के समय सूर्य पूरी तरह चंद्रमा की छाया में चला जाएगा।

पूर्ण ग्रहण के मार्ग में आने वाले क्षेत्रों में कुछ समय के लिए दिन का उजाला काफी कम होकर अंधेरे जैसा वातावरण बन सकता है। हालांकि यूरोप के हर शहर में पूर्ण ग्रहण नहीं होगा; कई स्थानों पर केवल आंशिक ग्रहण दिखाई देगा।

भारत में क्यों नहीं दिखाई देगा ग्रहण?

सारिका घारू के अनुसार भारतीय समय के मुताबिक ग्रहण की पूरी अवधि रात में होगी। उस समय भारत में सूर्य क्षितिज के नीचे होगा, इसलिए देश के किसी भी हिस्से से यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

यानी जब भारत में रात होगी, उसी दौरान पृथ्वी के दूसरे हिस्सों में लोग सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा देख सकेंगे।

कब शुरू होगा ग्रहण?

भारतीय समय के अनुसार ग्रहण से जुड़े प्रमुख समय इस प्रकार बताए गए हैं—

ग्रहण की शुरुआत: 12 अगस्त रात 9:04 बजे

पूर्ण ग्रहण की शुरुआत: रात 10:28 बजे

ग्रहण का चरम: रात 11:16 बजे

पूर्ण ग्रहण की समाप्ति: 13 अगस्त रात 12:05 बजे

ग्रहण का पूर्ण समापन: 13 अगस्त रात 1:27 बजे

स्थानीय स्तर पर ग्रहण का समय अलग-अलग क्षेत्रों में अलग होगा।

चंद्रमा की छाया से बनेगा दिन में अंधेरे जैसा नजारा

पूर्ण सूर्य ग्रहण उस समय होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और उसकी छाया पृथ्वी के कुछ हिस्सों पर पड़ती है। जिस संकरे क्षेत्र में सूर्य पूरी तरह चंद्रमा के पीछे छिप जाता है, वहां पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देता है। NASA के अनुसार 12 अगस्त का पूर्ण ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, उत्तरी अटलांटिक और स्पेन से होकर गुजरेगा।

अंधविश्वास से दूर रहने की अपील

सारिका घारू ने लोगों से अपील की है कि सूर्य ग्रहण को लेकर किसी भी तरह के अंधविश्वास या डर पर विश्वास न करें। ग्रहण एक प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक खगोलीय घटना है, जिसे विज्ञान के नजरिए से समझना चाहिए।

भारत में इस ग्रहण को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग वैज्ञानिक संस्थाओं की ओर से उपलब्ध ऑनलाइन प्रसारण के माध्यम से इस घटना की जानकारी और दृश्य देख सकते हैं।

अगला मौका कब?

सारिका घारू के अनुसार भारत में सूर्य ग्रहण देखने के लिए लोगों को अगले अवसरों का इंतजार करना होगा। वहीं 28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण भी होगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा।

सारिका घारू का संदेश: ग्रहण डर या अंधविश्वास का विषय नहीं, बल्कि सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की गतियों को समझने का एक शानदार वैज्ञानिक अवसर है।

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