भोपाल में आधी रात उपद्रव: पत्रकार की कार समेत कई वाहनों के कांच फोड़े, CCTV में कैद हुए बदमाश
भोपाल।
राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, लहारपुर में शनिवार देर रात अज्ञात बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। रात करीब 2:40 बजे बाइक पर सवार दो युवकों ने कॉलोनी में घरों के बाहर खड़े कई वाहनों पर पत्थर बरसाकर उनके कांच तोड़ दिए। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।
घटना में पत्रकार संतोष कुमार की कार भी बदमाशों का निशाना बनी। उनकी कार के कांच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा कॉलोनी में खड़े अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिससे रहवासियों में दहशत का माहौल है।
तेज आवाज सुनकर बाहर निकले, तब सामने आया मंजर
पत्रकार संतोष कुमार ने बताया कि रात करीब 2:40 बजे लगातार तेज आवाजें सुनाई देने पर उनकी नींद खुली। बाहर निकलकर देखा तो उनकी कार सहित कई वाहनों के कांच टूटे पड़े थे। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में रहवासी मौके पर एकत्र हो गए।
पुलिस मौके पर पहुंची, जांच शुरू
घटना की जानकारी तुरंत कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे और डीसीपी जोन-2 विकास सहवाल को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
पुरानी रंजिश की आशंका
पत्रकार संतोष कुमार ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उनके घर के सामने कुछ असामाजिक तत्व सड़क पर जन्मदिन मनाते हुए बाइक पर केक काट रहे थे। विरोध करने पर उनकी पत्नी के साथ अभद्रता की गई थी और उन पर केक फेंका गया था। उस मामले में पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ऐसे में उन्हें आशंका है कि वर्तमान घटना में उन्हीं असामाजिक तत्वों में से किसी का हाथ हो सकता है।
रहवासियों में बढ़ी नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी लहारपुर में लंबे समय से चोरी, तोड़फोड़ और असामाजिक गतिविधियों की घटनाएं बढ़ रही हैं। रहवासियों ने क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्त बढ़ाने, उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
बड़ा सवाल: क्या अपराधियों में खत्म हो रहा पुलिस का डर?
यह घटना केवल एक कॉलोनी या एक पत्रकार तक सीमित नहीं है। राजधानी के कई इलाकों में सड़क पर हुड़दंग, सार्वजनिक स्थानों पर जन्मदिन मनाने के नाम पर उपद्रव और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या असामाजिक तत्वों के मन से पुलिस का खौफ खत्म होता जा रहा है? यदि समय रहते ऐसे उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
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