वन विभाग की बड़ी कामयाबी: अनूपपुर के चर्चित हाथी अर्जुन और कृष्णा को सुरक्षित छत्तीसगढ़ सीमा पार कराया, जैतहरी रेंजर विवेक मिश्रा की टीम ने 24 घंटे किया अथक परिश्रम, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस*
अनूपपुर / जैतहरी।* जिले में पिछले 23 दिनों से दहशत का पर्याय बने दो हाथी अर्जुन और उसके छोटे भाई कृष्णा को आखिरकार वन विभाग ने सुरक्षित जिले से बाहर निकाल कर छत्तीसगढ़ सीमा स्थित शिवनी बीट तक पहुंचा दिया है। जैतहरी रेंजर विवेक मिश्रा के नेतृत्व में वन अमले ने बिना किसी हथियार और बिना किसी हिंसा के यह बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया।
*छत्तीसगढ़ से अनूपपुर तक का सफर - एक दर्दनाक कहानी*
प्राप्त जानकारी के अनुसार ये दोनों हाथी मूलतः छत्तीसगढ़ के जंगलों के निवासी हैं। हाथी अर्जुन और कृष्णा की कहानी बेहद दर्दनाक है। छत्तीसगढ़ में लगातार जंगलों की कटाई और बड़े-बड़े औद्योगिक प्लांटों व कंपनियों के स्थापित होने के कारण इनका प्राकृतिक आवास उजड़ गया। पानी और भोजन की तलाश में ये दोनों भाई अपने पुरखों के पुराने कॉरिडोर से होते हुए मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रवेश कर गए थे। पिछले कई महीनों से ये अनूपपुर, जैतहरी, धनगांव और मरवाही सीमा तक विचरण कर रहे थे।
*जैतहरी परिक्षेत्र में मचा था हड़कंप*
पिछले एक सप्ताह से दोनों हाथी जैतहरी वन परिक्षेत्र के धनगांव, पूर्वी स्कूल क्षेत्र के आसपास डटे हुए थे। रात में हाथियों के खेतों में आ जाने से किसानों में दहशत थी। सूचना मिलते ही जैतहरी रेंजर विवेक मिश्रा ने तत्काल मोर्चा संभाला। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए एक विशेष टीम का गठन किया।
रेंजर विवेक मिश्रा के नेतृत्व में डिप्टी रेंजर संतोष श्रीवास्तव, बीट गार्ड चरण सिंह, बीट गार्ड कोमल सिंह, बीट गार्ड रमेश सिंह सहित पूरे वन अमले ने दिन-रात एक कर दिया। टीम ने सबसे पहले हाथियों की लोकेशन को ट्रैक किया।
1. ग्रामीणों को हाथियों से 200 मीटर दूर सुरक्षित स्थान पर रहने की हिदायत दी गई।
2. मशाल और ढोल-नगाड़ों की मदद से हाथियों को धीरे-धीरे जंगल के अंदरूनी रास्ते की ओर धकेला गया।
3. किसी भी प्रकार का पटाखा या हानिकारक तरीका नहीं अपनाया गया, ताकि हाथी उत्तेजित न हों।
4. लगातार 24 घंटे की निगरानी के बाद हाथियों को उनके पुराने प्राकृतिक कॉरिडोर मरवाही की ओर मोड़ा गया।
*शिवनी बीट में सुरक्षित, ग्रामीणों ने की सराहना*
कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार देर रात दोनों हाथी अर्जुन और कृष्णा सुरक्षित छत्तीसगढ़ के शिवनी बीट के घने जंगलों में पहुंच गए। इसकी पुष्टि छत्तीसगढ़ वन विभाग ने भी कर दी है। हाथियों के जिले की सीमा से बाहर निकलते ही जैतहरी, धनगांव, केवई और आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
ग्रामीणों ने कहा कि रेंजर विवेक मिश्रा और उनकी पूरी टीम ने जिस सूझबूझ और मानवता के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है, वह काबिले तारीफ है। उन्होंने न तो हाथियों को कोई नुकसान पहुंचने दिया और न ही किसी ग्रामीण को।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी कॉरिडोर में किसी भी तरह का अतिक्रमण न करें और जंगल को सुरक्षित बनाए रखें।
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