ममता गैस एजेंसी पर चला प्रशासन का डंडा: नोटिस के बाद भरना पड़ा भारी जुर्माना
भोपाल।
राजधानी में उपभोक्ताओं की शिकायतों और नियमों की अनदेखी को लेकर घिरी ममता गैस एजेंसी पर आखिरकार प्रशासन और खाद्य विभाग का चाबुक चल ही गया। लंबे समय से मिल रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के बाद एजेंसी प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े हैं। कार्रवाई के अगले चरण में एजेंसी से भारी-भरकम जुर्माने की रकम वसूल कर आधिकारिक रसीद थमा दी गई है।
क्या था पूरा मामला?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ममता गैस एजेंसी के खिलाफ लगातार होम डिलीवरी में देरी, सिलेंडरों की घटतौली और उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने एजेंसी परिसर का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान खामियां उजागर होने पर विभाग ने एजेंसी संचालक को कारण बताओ नोटिस थमाते हुए जवाब तलब किया था।
नोटिस का जवाब असंतोषजनक, लगा भारी जुर्माना
नोटिस का जो जवाब एजेंसी संचालक की ओर से दिया गया, उससे प्रशासनिक अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने नियमों के उल्लंघन के एवज में ममता गैस एजेंसी पर भारी आर्थिक दंड (जुर्माना) आयद कर दिया।
विभागीय कार्रवाई: प्रशासन के कड़े तेवरों को देखते हुए एजेंसी संचालक को अंततः जुर्माने की निर्धारित राशि सरकारी खजाने में जमा करानी पड़ी। राशि जमा होते ही विभाग की ओर से विधिवत भुगतान रसीद जारी कर दी गई है।
उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद
इस बड़ी कार्रवाई के बाद शहर के एलपीजी उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का साफ कहना है कि किसी भी गैस एजेंसी द्वारा आम जनता के अधिकारों का हनन या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में भी ऐसी लापरवाही सामने आती है, तो लाइसेंस रद्द करने तक की सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
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