भोपाल में 17 साल की छात्रा से दो SAF जवानों ने बर्थडे के बहाने किया दुष्कर्म, एक का बेटा बाहर पहरा देता रहा
भोपाल
भोपाल से एक सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां विशेष सशस्त्र बल (SAF) में तैनात दो पुलिसकर्मियों ने एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपी ने पीड़िता को अपनी बेटी के जन्मदिन की पार्टी का झांसा देकर बुलाया था। घटना 22 जुलाई की शाम करीब 6:30 बजे एमपी नगर इलाके में हुई।
कैसे रची गई वारदात?
पुलिस जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी कॉन्स्टेबल संतोष सेने (भोपाल में पदस्थ) ने 22 जुलाई की शाम को अपनी पत्नी के मोबाइल फोन से पीड़िता को कॉल किया। उसने लड़की को अपनी बेटी के जन्मदिन समारोह में शामिल होने का न्योता दिया।
जब किशोरी लाल परेड मैदान के पास पहुंची, तब वहां संतोष सेने और दूसरा आरोपी आरक्षक जितेंद्र राजपूत (ग्वालियर में पदस्थ) कार में मौजूद थे। हैरान करने वाली बात यह है कि कार में जितेंद्र का 3-4 साल का छोटा बेटा भी बैठा था।
संतोष ने पहले पीड़िता को बर्थडे का बहाना कर अपनी बातों में उलझाया, फिर उसे एमपी नगर स्थित एक किराए के मकान में ले गया। वहां उसने किशोरी को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया।
इस दुष्कर्म के दौरान जितेंद्र राजपूत अपने मासूम बेटे के साथ बाहर खड़ा रहा और पहरा देता रहा ताकि कोई व्यक्ति अंदर न आ सके।
पीड़िता और आरोपी पुराने पड़ोसी
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी संतोष सेने और पीड़िता कभी एक ही मोहल्ले में पड़ोसी रह चुके हैं। इसी वजह से पीड़िता को उस पर थोड़ा भरोसा था, जिसका आरोपी ने फायदा उठाया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने अपने परिवार को पूरी बात बताई। इसके बाद कमला नगर थाने में जीरो FIR दर्ज कराई गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे तुरंत जहांगीराबाद थाने ट्रांसफर किया गया, जहां POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज होते ही दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और जल्द ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। फिलहाल दोनों पुलिस कस्टडी में हैं।
जांच क्या बोली?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है:
· घटनास्थल से DNA और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
· पीड़िता के बयान (CrPC 164) दर्ज किए गए हैं।
· आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज की जांच हो रही है।
· दोनों आरोपियों का सर्विस रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
सवालों के घेरे में पुलिस विभाग
यह घटना न केवल बेहद दर्दनाक है, बल्कि मप्र पुलिस की छवि पर भी गंभीर धब्बा है। एक ओर जहां पुलिस समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाती है, वहीं दूसरी ओर वर्दी में मौजूद ये दोनों आरोपी नाबालिग के साथ हैवानियत करने वाले साबित हुए हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना की जमकर निंदा की है और प्रदेश के DGP से सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई संगठनों ने आरोपियों को तत्काल नौकरी से बर्खास्त करने की मांग भी की है।
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