किसान आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा क़दम: सीएम मोहन यादव ने गठित की उच्चस्तरीय वार्ता समिति
राजधानी में दो दिन से डेरा डाले किसानों से मंत्रियों का दल कर रहा संवाद; सीएम ने की शांति और सहयोग की अपील
भोपाल।
अपनी विविध मांगों को लेकर पिछले दो दिनों से राजधानी भोपाल में डटे सैकड़ों किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा और संवेदनशील फ़ैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के मुद्दों को सुलझाने और उनसे निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए एक उच्चस्तरीय 'वार्ता समिति' का गठन किया है।
बुधवार को भी नर्मदापुरम, हरदा, टिमरनी, नरसिंहपुर और बैतूल समेत कई ज़िलों से आए सैकड़ों किसान शहर के एम्प्री तिराहे (सावरकर सेतु) पर जमे रहे। सीएम हाउस का घेराव करने की चेतावनी के साथ आए किसान सड़क पर ही दाल-बाटी बनाकर राशन-पानी के साथ डटे हुए हैं।
मंत्रियों और अफ़सरों का दल पहुँचा किसानों के बीच
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा: "किसानों से जुड़े विषयों पर संवाद और समाधान के लिए सरकार ने एक समिति बनाई है। यह समिति किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सुन रही है।"
बुधवार को कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने किसानों से प्रारंभिक चर्चा की। इसके बाद कृषि मंत्री के साथ-साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री कृष्णा गौर, विश्वास सारंग, राकेश सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों के एक दल को किसानों से विस्तृत बातचीत के लिए भेजा गया है।
'कृषि कल्याण वर्ष' मना रही सरकार, किसान हित सर्वोपरि
सीएम यादव ने दोहराया कि राज्य सरकार इस वर्ष पूरे मध्य प्रदेश में 'कृषि कल्याण वर्ष' मना रही है और किसानों के हित में लगातार क्रांतिकारी निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
* सकारात्मक सुझावों का स्वागत: सरकार किसानों की हर व्यावहारिक समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
* जनता की सुविधा का ध्यान: किसान हित सर्वोपरि हैं, लेकिन आंदोलन के कारण आम जनता को कोई असुविधा न हो, यह चिंता करना भी सभी पक्षों की साझा ज़िम्मेदारी है।
* संवाद से समाधान: सरकार बातचीत और आपसी सहमति के माध्यम से ही हर रास्ते का हल निकालने में विश्वास रखती है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय किसान संघ सहित सभी किसान संगठनों से अपील की है कि वे प्रदेश के किसानों और आम जनता के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक सहयोग करें।
विश्वविद्यालय के पास एम्प्री तिराहे पर जमे हैं किसान
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न ज़िलों से आए किसान बैरिकेडिंग तोड़ते हुए राजधानी भोपाल में दाख़िल हो गए थे, जिन्हें प्रशासन ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के पास एम्प्री तिराहे पर रोक दिया था।
किसान अपने साथ लगभग एक सप्ताह का राशन लेकर आए हैं और मंगलवार रात से ही सड़क पर दाल-बाटी बनाकर वहीं सो रहे हैं। बुधवार को भी सुबह से किसानों ने अपना खाना पकाना शुरू किया और इस दौरान कुछ उत्तेजित किसान बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करते दिखे। कुछ प्रदर्शनकारी एक बस के ऊपर भी चढ़ गए थे, जिन्हें पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने समझाइश देकर सकुशल नीचे उतारा। फिलहाल, प्रशासन और समिति के मंत्री किसानों के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत कर रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
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