बड़ी राहत: 'नक्शा लाइए, इंजीनियर बताएंगे क्या बदलाव जरूरी', कोचिंग संचालकों से बोले डिप्टी कमिश्नर
लखनऊ अग्निकांड के बाद भोपाल में प्रशासन सख्त, कोचिंग संस्थान किए जा चुके हैं सील
ताले खोलने के लिए तैयार नगर निगम: फायर प्लान और समय-सीमा सौंपने पर हटेगी सील
हिंदुस्तान मेल
भोपाल।लखनऊ के कोचिंग इंस्टीट्यूट में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद भोपाल नगर निगम प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। राजधानी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों को सील किए जाने के बाद अब प्रशासन ने कोचिंग संचालकों को राहत और सहयोग का रास्ता भी दिखाया है। नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर भुवन गुप्ता ने साफ किया है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य संस्थानों को बंद रखना नहीं, बल्कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इंजीनियर करेंगे तकनीकी मार्गदर्शन
कोचिंग संचालकों के सवालों और दुविधाओं का जवाब देते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि यदि संचालकों को यह समझ नहीं आ रहा है कि भवन में नियमों के मुताबिक क्या बदलाव किए जाने हैं, तो वे अपने स्वीकृत भवन का नक्शा लेकर नगर निगम आएं। वहां मौजूद इंजीनियर नक्शे का बारीकी से अध्ययन कर तकनीकी मार्गदर्शन देंगे और बताएंगे कि अग्नि सुरक्षा के लिए क्या बदलाव जरूरी हैं।
"हमारा मकसद कोचिंग बंद करना नहीं, बल्कि उन्हें अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुरक्षित बनाना है। संचालक फायर प्लान दें और काम पूरा करने का समय बताएं, हम सील किए संस्थानों के ताले खोल देंगे।" – भुवन गुप्ता, डिप्टी कमिश्नर, नगर निगम
संचालकों ने मांगी समय-सीमा, आज सोमवार-मंगलवार को होगी अहम बैठक
इधर, कोचिंग संचालकों का कहना है कि वे भवन में आग से बचाव के लिए हर जरूरी बदलाव करने को तैयार हैं, लेकिन बिल्डिंग परमिशन और भूमि विकास नियमों के तहत इसे कैसे अमलीजामा पहनाया जाए, इसके लिए उन्हें अफसरों के मार्गदर्शन और थोड़े समय की जरूरत है।
मामले को सुलझाने और बीच का रास्ता निकालने के लिए नगर निगम ने आज सोमवार और मंगलवार को एक विशेष बैठक का प्रस्ताव दिया है। इस बैठक में संचालक अपना फायर प्लान प्रस्तुत कर सकेंगे, जिसके बाद नियमों के दायरे में रहकर सील खोलने की प्रक्रिया पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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