4 माह के जुड़वां बच्चों की हत्या के मामले में मां को दोहरा आजीवन कारावास, पिता को 3 साल की सजा

Aug 1, 2026 - 22:26
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4 माह के जुड़वां बच्चों की हत्या के मामले में मां को दोहरा आजीवन कारावास, पिता को 3 साल की सजा
4 माह के जुड़वां बच्चों की हत्या के मामले में मां को दोहरा आजीवन कारावास, पिता को 3 साल की सजा
4 माह के जुड़वां बच्चों की हत्या के मामले में मां को दोहरा आजीवन कारावास, पिता को 3 साल की सजा

रतलाम। 

मध्यप्रदेश के रतलाम में वर्ष 2024 में 4 माह के जुड़वां बच्चों हसन और फातिमा की हत्या के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने बच्चों की मां पम्मी उर्फ मुस्कान को दोनों बच्चों की हत्या के मामले में दोहरा आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, बच्चों की मौत की सूचना पुलिस को दिए बिना शव दफनाने और साक्ष्य छिपाने के मामले में पिता आमिर कुरैशी को 3 साल के कारावास और 2 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

पति और सास के बाजार जाने के बाद हुई घटना

अभियोजन के मुताबिक घटना 20 नवंबर 2024 को रतलाम के हाट रोड क्षेत्र में मदीना मस्जिद के पीछे हुई थी। आरोप है कि मुस्कान ने अपने पति आमिर से बाजार नहीं जाने और बच्चों को संभालने में मदद करने के लिए कहा था। इसके बाद पति और सास के बाजार चले जाने से वह नाराज हो गई।

अभियोजन का आरोप है कि इसी दौरान मुस्कान ने अपने 4 माह के जुड़वां बेटा-बेटी हसन और फातिमा को घर में रखी पानी की सिंटेक्स टंकी में डुबो दिया। इसके बाद बच्चों के गुम होने का नाटक किया गया।

पिता ने पुलिस को सूचना दिए बिना दफनाए शव

बच्चों की मौत के बाद पिता आमिर कुरैशी ने पुलिस को सूचना नहीं दी और दोनों बच्चों के शवों को शेरानीपुरा कब्रिस्तान में दफना दिया। मामले में संदेह होने पर माणक चौक थाना पुलिस ने जांच शुरू की।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में पुलिस ने कब्र से बच्चों के शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया। इसके साथ ही घटनास्थल का री-क्रिएशन भी किया गया। जांच में मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इसे हादसा नहीं बल्कि जानबूझकर की गई हत्या माना।

24 में से 16 गवाह हुए हॉस्टाइल

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पेश किए गए 24 गवाहों में से 16 गवाह हॉस्टाइल हो गए। इसके बावजूद अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीवसिंह चौहान ने अदालत के सामने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत कड़ी प्रस्तुत की।

पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के री-क्रिएशन और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मां मुस्कान को दोनों बच्चों की हत्या के लिए दोहरा आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

कोर्ट का फैसला

मां पम्मी उर्फ मुस्कान: दोहरा आजीवन कारावास + 10 हजार रुपए अर्थदंड

पिता आमिर कुरैशी: 3 वर्ष का कारावास + 2 हजार रुपए अर्थदंड

मामला: 4 माह के जुड़वां बच्चों हसन और फातिमा की हत्या

कोर्ट: अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रतलाम

न्यायाधीश: निर्मल मंडोरिया

अभियोजन के अनुसार, 16 गवाहों के हॉस्टाइल होने के बावजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पुलिस की जांच के आधार पर अदालत में अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में सफल रहा।

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