रक्षाबंधन पर भोपाल सेंट्रल जेल में भावुक हुआ माहौल, बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी
भोपाल।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को भोपाल सेंट्रल जेल में भाई-बहन के प्रेम और भावनाओं की मार्मिक तस्वीर देखने को मिली। जेल की ऊंची दीवारों और सलाखों के बीच बंद भाइयों से मिलने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। किसी के हाथ में राखी थी तो कोई भाई के लिए मिठाई लेकर पहुंची थी।
जेल प्रशासन ने रक्षाबंधन के अवसर पर बंदियों और उनके परिजनों की विशेष खुली मुलाकात की व्यवस्था की थी। इस दौरान बहनों को अपने बंदी भाइयों से मिलने, उनकी कलाई पर राखी बांधने और तिलक लगाने का अवसर दिया गया। मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र, बेहतर भविष्य और जल्द जेल से बाहर आने की कामना की।
राखी बांधते समय छलक पड़े आंसू
भाइयों से मुलाकात के दौरान कई बहनों की आंखें नम हो गईं। सलाखों के पीछे भाई को देखकर कुछ बहनें भावुक होकर रो पड़ीं, वहीं कुछ ने खुद को संभालते हुए भाइयों को हिम्मत दी। बहनों ने भाइयों से कहा कि वे परेशान न हों और जेल से बाहर आने के बाद बेहतर जीवन जीने का संकल्प लें।
180 महिला और 3600 पुरुष बंदी
जेल अधीक्षक मानवेन्द्र सिंह परिहार के अनुसार भोपाल सेंट्रल जेल में करीब 3600 पुरुष बंदी और 180 महिला बंदी हैं। रक्षाबंधन पर विशेष मुलाकात की व्यवस्था की गई। महिला बंदियों से मुलाकात के लिए अलग समय निर्धारित किया गया था।
जेल प्रशासन की ओर से मुलाकात के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और जेल परिसर में आने वाले परिजनों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े कैदियों के परिजनों को भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुलाकात की अनुमति दी गई।
रक्षाबंधन के मौके पर जेल में हुई इस विशेष मुलाकात ने यह संदेश दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और अपनापन बरकरार रहता है।
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