अमरकंटक के माई की बगिया मार्ग बना हादसों का रास्ता , दलदल और जलभराव से श्रद्धालु-पर्यटक परेशान

Sep 2, 2026 - 11:12
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अमरकंटक के माई की बगिया मार्ग बना हादसों का रास्ता , दलदल और जलभराव से श्रद्धालु-पर्यटक परेशान
अमरकंटक के माई की बगिया मार्ग बना हादसों का रास्ता , दलदल और जलभराव से श्रद्धालु-पर्यटक परेशान

अनूपपुर/अमरकंटक / मां नर्मदा की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल है जहां स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माई की बगिया जाने वाले मार्ग की स्थिति वर्षाकाल में अत्यंत चिंताजनक हो गई है । मार्ग विस्तारीकरण कार्य के बाद सड़क के किनारों पर जलभराव और दलदल की स्थिति निर्मित होने से श्रद्धालुओं , पर्यटकों एवं स्थानीय वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैहिंदू धर्म

यहां हालात ऐसे हैं कि मार्ग पर आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं , जबकि चार पहिया वाहन भी कीचड़ में फंसने लगे हैं झीलें और नदियां

जानकारी के अनुसार ग्रीष्मकाल में माई की बगिया मार्ग के चौड़ीकरण एवं विस्तारीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया था , लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा पड़ा हुआ है । लगभग 500 मीटर से अधिक क्षेत्र में सड़क के किनारों की मिट्टी हटाकर मार्ग को विस्तारित किया गया था , वहीं सावित्री नदी पुल के समीप लगभग 800 मीटर हिस्से की स्थिति भी बेहद खराब बनी हुई है । लगातार हो रही बारिश के कारण विस्तारित हिस्सों में पानी भर गया है , जिससे पूरा क्षेत्र दलदल और कीचड़ में तब्दील हो गया है ।

मार्ग संकरा होने के कारण जब आमने-सामने से बड़े वाहन गुजरते हैं तो वाहन चालकों को साइड देने के लिए सड़क से नीचे उतरना पड़ता है । किन्तु सड़क के दोनों ओर बने दलदली हिस्से और गहरे गड्ढों के कारण वाहन फंस जाते हैं , जिससे कई बार जाम जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है । सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है , जिनके लिए यह मार्ग दुर्घटना का कारण बनता जा रहा है

स्थिति को और गंभीर बनाने का काम सड़क किनारे उगी लंबी घास कर रही है । घास के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक चौड़ाई तथा गड्ढों की गहराई का अनुमान नहीं लग पाता । कई बार अचानक वाहन का पहिया दलदल या गहरे गड्ढे में चले जाने से दुर्घटनाएं हो रही हैं

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया गया तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है ।

श्रावण मास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक माई की बगिया पहुंचे थे । इस दौरान खराब मार्ग के कारण हजारों लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा । कई बार वाहन गीली मिट्टी में जाने के कारण फंस जाते थे । धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग की दुर्दशा को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी भी देखी जा रही है

स्थानीय नागरिकों , जनप्रतिनिधियों तथा तीर्थयात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि माई की बगिया मार्ग पर तत्काल सुधार कार्य प्रारंभ कराया जाए । विस्तारित हिस्से को समतल कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए तथा सड़क को सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाए , ताकि श्रद्धालुओं , पर्यटकों और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके तथा दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके ।

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