सीलिंग कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरे भोपाल के व्यापारी, बोले- मास्टर प्लान लागू करें और मिक्स्ड लैंड यूज की मिले अनुमति
भोपाल। राजधानी भोपाल में रिहायशी इलाकों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में व्यापारी और महिला कारोबारी सड़क पर उतरे और रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन कर अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाईं। व्यापारियों ने भोपाल का नया मास्टर प्लान जल्द लागू करने, गुजरात की तर्ज पर नियमितीकरण नीति बनाने और मिक्स्ड लैंड यूज लागू करने की मांग उठाई। हालिया विरोध प्रदर्शनों में व्यापारियों ने सीलिंग कार्रवाई से रोजगार प्रभावित होने की आशंका भी जताई है।
व्यापारियों ने सरकार को दिए तीन विकल्प
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों की ओर से सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें पहला भोपाल का मास्टर प्लान लागू करना, दूसरा गुजरात की तर्ज पर मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था लागू करना और तीसरा नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई पर रोक लगाना शामिल है।
10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि व्यापारियों को परेशान करने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। उनका कहना है कि अचानक कार्रवाई से छोटे दुकानदारों के साथ-साथ उनसे जुड़े कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ सकता है।
‘बच्चों की फीस कैसे भरेंगे, बेरोजगार हो जाएंगे’
हाउसिंग बोर्ड के कारोबारी राहुल जैन ने कार्रवाई को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि कई दुकानदार पहले से कर्ज में हैं। उनका तर्क है कि व्यापारी कमर्शियल बिजली बिल, रजिस्ट्री, टैक्स और नगर निगम के विभिन्न शुल्क का भुगतान करते हैं, ऐसे में वर्षों से संचालित कारोबार पर अचानक कार्रवाई से रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि कारोबार बंद होते हैं तो उनके सामने कर्मचारियों की तनख्वाह और बच्चों की स्कूल फीस जैसी जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो जाएगा।
मास्टर प्लान को लेकर भी उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भोपाल में लंबे समय से नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है। व्यापारियों का तर्क है कि शहर के कई हिस्सों में समय के साथ आवासीय क्षेत्रों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां विकसित हुई हैं। ऐसे में शहर की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग की स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है।
मिक्स्ड लैंड यूज लागू करने की मांग भी इसी संदर्भ में उठाई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि नियमों के दायरे में रहकर लंबे समय से संचालित छोटे और मध्यम कारोबार को जारी रखने का व्यावहारिक रास्ता निकाला जाना चाहिए।
ब्यूटीशियनों ने सड़क पर किया अनोखा प्रदर्शन
नगर निगम की कार्रवाई के दायरे में ब्यूटी पार्लर और सैलून जैसे कारोबार भी आने की बात सामने आने के बाद महिला कारोबारियों ने भी विरोध में भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान ब्यूटीशियनों ने सड़क पर ही मेकअप कर अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि छोटे कारोबार बंद होने से उनसे जुड़े कर्मचारियों और परिवारों की आय प्रभावित होगी।
तीन अवैध कॉलोनियों पर निगम की कार्रवाई
इसी बीच भोपाल नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा ने जोन-21 क्षेत्र में बिना अनुमति विकसित की जा रही तीन कॉलोनियों पर कार्रवाई की। निगम की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। निगम ने कहा कि अवैध कॉलोनी, निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
हजारों नोटिस के बाद अब सीलिंग की तैयारी
नगर निगम की ओर से रिहायशी भवनों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए हैं। निगम के मुताबिक जिन मामलों में अधिभोग उल्लंघन की अवधि समाप्त हो रही है, उनमें आगे नियमानुसार परीक्षण के बाद अंतिम आदेश जारी किए जाएंगे। संबंधित लोगों को सुनवाई का अवसर दिए जाने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
भोपाल में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम की कार्रवाई पहले से जारी है और इसे लेकर व्यापारी संगठनों की ओर से स्थायी समाधान की मांग की जा रही है।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
भोपाल का नया मास्टर प्लान जल्द लागू किया जाए।
मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था लागू की जाए।
लंबे समय से संचालित कारोबार के लिए नियमितीकरण का रास्ता निकाला जाए।
सीलिंग कार्रवाई से प्रभावित छोटे कारोबारियों और रोजगार से जुड़े लोगों को राहत दी जाए।
शहर के वर्तमान विकास और व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप स्पष्ट भूमि उपयोग नीति बनाई जाए।
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