भोपाल में कमर्शियल लाइसेंस शुल्क खत्म करने की मांग, महापौर परिषद ने शासन को भेजा पत्र
व्यापारी शहर की अर्थव्यवस्था की अहम कड़ी, अनावश्यक शुल्क से मिले राहत : रविंद्र यति
भोपाल।
नगर निगम परिषद की बैठक में व्यापारियों से लिए जाने वाले कमर्शियल लाइसेंस शुल्क को समाप्त करने की मांग उठी। भारतीय जनता पार्टी के भोपाल जिला अध्यक्ष एवं नगर निगम एमआईसी सदस्य रविंद्र यति ने व्यापारियों के हित में यह मुद्दा परिषद के समक्ष रखा। प्रस्ताव को परिषद के सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार करते हुए शासन को पत्र भेजने का निर्णय लिया।
रविंद्र यति ने कहा कि व्यापारी शहर की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में व्यापारियों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ और अतिरिक्त प्रक्रियाओं को समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कमर्शियल लाइसेंस शुल्क खत्म होने से व्यापारियों को राहत मिलेगी और वे अपने कारोबार को अधिक सुगमता से संचालित कर सकेंगे।
शासन को भेजा गया पत्र
व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से महापौर परिषद की ओर से शासन को पत्र भेजकर कमर्शियल लाइसेंस शुल्क समाप्त करने का आग्रह किया गया है। यति ने कहा कि भाजपा सरकार और नगर निगम व्यापारियों की समस्याओं के समाधान तथा उनके हितों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
कारोबारी माहौल को मजबूत करने पर जोर
रविंद्र यति ने कहा कि व्यापारियों को सरल, सुगम और अनुकूल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। अनावश्यक आर्थिक बोझ कम होने से व्यापारियों को अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित करने में सुविधा मिलेगी और भोपाल के व्यापारिक वातावरण को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नगर निगम व्यापारियों की समस्याओं को लेकर आगे भी सकारात्मक पहल करता रहेगा।
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