मवेशी ढूंढने गया था सोनशाह, बाघ ने बना लिया निवाला! नाले में मिला क्षत-विक्षत शव, पदचिह्नों से मचा हड़कंप
रिपोर्ट---- आकाश नामदेव
*चौकीदार ने शाम को रोका था, फिर भी नहीं माना - सुबह 5:30 बजे नाले में मिला शव*
शहडोल / गोहपारू।
गोहपारू के जंगल में मौत बनकर घूम रहा बाघ! पटोरी बीट के RF-684 ढिकुरी डोंगरी के जंगल में ग्राम देवरी निवासी *सोनशाह यादव* का शव मिला है, और मौके पर मिले *बाघ के ताजे पदचिह्नों और लौटने के निशानों* ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
*कैसे हुई दर्दनाक मौत?*
सोनशाह यादव कल अपने मवेशी को खोजने जंगल गया था। बताया जा रहा है कि *पटोरी बीट के चौकीदार ने उसे शाम के समय जंगल में जाने से साफ मना किया था,* लेकिन वह नहीं माना। रात भर जब वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों के होश उड़ गए। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को खबर दी।
वन विभाग ने रात में ही टॉर्च लेकर जंगल खंगाला, लेकिन घना अंधेरा और घना जंगल - कुछ नहीं मिला। फिर आज सुबह *5:30 बजे* दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तो *नाले के अंदर सोनशाह का शव पड़ा मिला।* शव के ठीक बगल में बाघ के बड़े-बड़े पंजों के निशान थे, जो बता रहे थे कि बाघ हमले के बाद वहीं से लौटा है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
*पत्नी को 10 हजार की तात्कालिक मदद -*
घटना के बाद वन विभाग ने मानवता दिखाते हुए मृतक की पत्नी *उर्मिला यादव को 10 हजार रुपये नकद* सहायता के रूप में दिए हैं। बाकी मुआवजा राशि बैंक खाते में भेजी जा रही है।
*वन विभाग ने जारी किया अलर्ट -*
वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में सघन गश्ती बढ़ा दी है और ग्रामीणों से अपील की है - *"बाघ के इलाके में अकेले मत जाओ, अपनी जान जोखिम में मत डालो। मवेशी के लिए जंगल में घुसना जानलेवा हो सकता है।"*
फिलहाल वन अमला बाघ की लोकेशन ट्रेस कर रहा है। क्या बाघ आदमखोर हो चुका है? क्या गांव में पिंजरा लगेगा? पूरे गोहपारू में बस इसी बात की चर्चा है।
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