आधी रात को सड़कों पर उतरे 91 जांबाज़, 100 वारंटी दबोचे!भोपाल देहात पुलिस का एक्शन
एसपी पंकज कुमार पाण्डेय के कड़े निर्देशों पर 24/25 अक्टूबर की दरमियानी रात चला महा-अभियान
एएसपी डॉ. प्रमोद कुमार सोनकर के मार्गदर्शन में भोपाल देहात के चप्पे-चप्पे की खाक छानी
49 स्थायी और 51 गिरफ्तारी वारंटी सीधे पहुंचे सलाखों के पीछे, मुगालिया कोट में ताबड़तोड़ वाहन चेकिंग
भोपाल।
अपराधियों और भगोड़ों के लिए भोपाल देहात पुलिस अब काल बन चुकी है। पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय के सख्त रुख और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार सोनकर के सटीक मार्गदर्शन में 24 और 25 अक्टूबर की मध्य रात्रि को भोपाल देहात पुलिस ने ऐसा सरप्राइज एक्शन किया कि पूरे जिले के अपराधियों में हड़कंप मच गया।
आधी रात को जब पूरा शहर सो रहा था, तब भोपाल देहात के जांबाज़ जवान खाकी का इकबाल बुलंद करने सड़कों पर उतरे। नतीजा—महज कुछ घंटों की स्पेशल कॉम्बिंग गश्त में पुलिस ने 100 वारंटियों को धर दबोचा और गुंडे-बदमाशों की खातिरदारी कर दी।
ब्रीफिंग के साथ शुरू हुआ 'मिशन ऑल-आउट'
अभियान की शुरुआत से पहले वरिष्ठ अधिकारियों ने मातहतों की क्लास ली। रणनीति बिल्कुल साफ थी—एक भी फरारी बचना नहीं चाहिए! अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीओपी) की सीधी निगरानी में मैदान में उतारी गई इस 'स्ट्राइक टीम' में सभी थाना व ट्रैफिक प्रभारियों समेत 35 पुलिस अधिकारी और 56 जवान, यानी कुल 91 जांबाज़ शामिल रहे।
मुगालिया कोट में नाकेबंदी, वाहनों की सघन जांच
एक तरफ जहां गलियों और मोहल्लों में वारंटियों की धरपकड़ चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ देर रात मुगालिया कोट में अचानक चेकिंग प्वाइंट बनाकर भारी नाकेबंदी कर दी गई। यहां से गुजरने वाले हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से तलाशी ली गई। चेकिंग के दौरान 13 दोपहिया और 5 चारपहिया वाहनों (कुल 18 वाहन) को रोककर जांच की गई, ताकि रात के अंधेरे में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि या तस्करी पर नकेल कसी जा सके।
कार्रवाई का 'खाकी खाता' — एक नजर में:
* स्थायी वारंट तामील: 49
* गिरफ्तारी वारंट तामील: 51
* जमानती वारंट तामील: 46
* समंस तामील: 43
* गुंडा-बदमाश चेकिंग: 37
* निगरानी बदमाश चेकिंग: 25
* संपत्ति संबंधी अपराध चेकिंग: 01
* मुगालिया कोट वाहन चेकिंग: 18 (13 दोपहिया + 05 चारपहिया)
"अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा, सुरक्षा से समझौता नहीं"
भोपाल (देहात) पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आमजन के दिलों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने और अपराधियों में कानून का खौफ कायम करने के लिए इस तरह के सर्जिकल स्ट्राइक अभियान आगे भी बिना किसी ढील के जारी रहेंगे। संदेश बिल्कुल साफ है—कानून की गिरफ्त से भागना अब नामुमकिन है!
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