भोपाल मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस का पैदल मार्च, सरकार पर लगाया 22 साल से मामला लटकाने का आरोप
भोपाल। भोपाल शहर के लिए जल्द मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने रविवार को कोटरा सुल्तानाबाद क्षेत्र में पैदल मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व भोपाल शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप मोनू सक्सेना ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय रहवासी, व्यापारी और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मास्टर प्लान लंबित होने के कारण शहर के रहवासियों और व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को अपने मकान और दुकानों के भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार लंबे समय से मास्टर प्लान को लेकर केवल आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
मार्च के दौरान प्रदीप मोनू सक्सेना ने कहा कि भोपाल का मास्टर प्लान पिछले करीब 22 वर्षों से लंबित है। इसके चलते लोगों को मकानों के नक्शे स्वीकृत कराने और व्यापारियों को दुकानों के विस्तार में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जनता और व्यापारियों के हित में जल्द मास्टर प्लान लागू करने की मांग की।
सरकार को बड़े आंदोलन की चेतावनी
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और कोटरा वार्ड-27 की पार्षद वीनू सक्सेना भी मौजूद रहीं। नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द मास्टर प्लान को लेकर निर्णय नहीं लिया तो कांग्रेस शहरवासियों के हित में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
पैदल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से भोपाल के विकास और नागरिकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक एवं जनहितैषी मास्टर प्लान जल्द लागू करने की मांग की। कार्यक्रम में क्षेत्र के व्यापारी, रहवासी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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