शहडोल रेलवे स्टेशन पर रैंप नहीं होने से मरीज को पटरी-पटरी व्हीलचेयर पर ले जाने को मजबूर, वीडियो वायरल
रिपोर्ट------आकाश नामदेव
शहडोल।शहडोल रेलवे स्टेशन पर दिव्यांग और बीमार यात्रियों के लिए सुविधाओं की भारी कमी उजागर हुई है। प्लेटफार्म पर रैंप की व्यवस्था न होने के कारण एक पैर में प्लास्टर बंधे मरीज को परिजनों द्वारा जान जोखिम में डालकर रेल की पटरियों पर व्हीलचेयर धकेल कर ले जाना पड़ा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल तस्वीर/वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक जिसका पैर टूटा हुआ है और प्लास्टर लगा है, उसे दो लोग पटरियों के बीच से व्हीलचेयर पर ले जा रहे हैं। गिट्टी और लोहे की पटरियों के बीच व्हीलचेयर को खींचना कितना मुश्किल और खतरनाक है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि शहडोल जैसे बड़े स्टेशन पर जहां रोज हजारों यात्री आते-जाते हैं, वहां दिव्यांगों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए रैंप, लिफ्ट या सुगम रास्ता नहीं है। मजबूरी में लोगों को इसी तरह जान जोखिम में डालकर प्लेटफार्म बदलना पड़ता है।
प्रधानमंत्री के दावों की हकीकत
प्रधानमंत्री के दिव्यांगों के लिए सुगम्य भारत अभियान और रेलवे के दावों के बीच यह तस्वीर रेलवे की जमीनी हकीकत को दिखाती है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे और कब तक यात्रियों को इस तरह परेशान होना पड़ेगा?
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