बांधवगढ़ में सत्ता परिवर्तन: डॉटी की बेटी त्रिशूली बनी मगधी की डॉन
भाले जैसी आंखों वाली फाइटर बाघिन का आतंक, जंगल में ठाठ से करती है राज
रिपोर्ट------ आकाश नामदेव
उमरिया।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अब *त्रिशूली राज* चल रहा है। फेमस बाघिन डॉटी की मौत के बाद उसकी खूंखार बेटी त्रिशूली ने मगधी जोन की पूरी सल्तनत पर कब्जा कर लिया है।
त्रिशूली कोई आम बाघिन नहीं है। ये बांधवगढ़ के सबसे डॉमिनेंट टाइगर *D-1 की सगी बहन* है और जन्म से ही फाइटर है। वन विभाग के अनुसार इसका जन्म 2021 में डॉटी और महामन टाइगर से हुआ था।
*मां को ही दे दिया था पटखनी -*
2022 में जब त्रिशूली जवान हुई तो उसने अपनी ही मां डॉटी को लड़कर मगधी से बाहर खदेड़ दिया था। यही जंगल का दस्तूर है। बेटी के डर से डॉटी को ताला और मानपुर बफर में शरण लेनी पड़ी थी, जहां इस महीने उसकी मौत हो गई।
*नाम के पीछे का राज -*
आंखों के ऊपर त्रिशूल जैसे 3 काले निशान हैं, इसलिए गाइडों ने नाम रखा त्रिशूली। पर्यटक इसे फाइटर कहकर बुलाते हैं क्योंकि शिकार करने में और इलाका बचाने में सबसे आगे रहती है।
*अब 2 बच्चों की मां है क्वीन -*
अभी त्रिशूली के 2 शावक हैं और वह बनबेही मेल के साथ जोड़ी में रह रही है। पहले जो बाघिन जिप्सी के सामने बेखौफ बैठ जाती थी, अब पार्टनर मिलने के बाद थोड़ी शर्मीली हो गई है और जंगल में छिपने लगी है।
फिर भी मगधी में जिसको टाइगर देखना है, उसकी पहली डिमांड त्रिशूली ही है।
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