पंचशील नगर में 25 वर्षों से विराजित मां नवदुर्गा ने ली विदाई, 12 फीट ऊंची प्रतिमा रही आकर्षण का केंद्र
रवीन्द्र कॉलेज के पीछे हर साल जुटते हैं धर्मप्रेमी, महाआरती, भंडारे और जागरण के बाद नम आंखों से दी गई माता रानी को विदाई
भोपाल।
राजधानी के पंचशील नगर में विराजित मां नवदुर्गा की प्रतिमा को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से विदाई दी। रवीन्द्र कॉलेज के पीछे पिछले 25 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे दुर्गा उत्सव में इस वर्ष भी बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी शामिल हुए। यहां विराजित 12 फीट ऊंची मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
दुर्गा उत्सव के दौरान पंचशील नगर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। माता रानी की पूजा-अर्चना, महाआरती, भंडारे और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्तों ने मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
महाआरती और जागरण में भक्तिमय हुआ माहौल
नवरात्रि के दौरान माता के जागरण का आयोजन धूमधाम से किया गया। भक्ति गीतों और माता रानी के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। उत्सव के समापन पर महाआरती और भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसके बाद माता रानी को विदाई देने की तैयारियां की गईं। विदाई के समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
रावण दहन में भी जुटे राम भक्त
पंचशील नगर में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में राम भक्त शामिल हुए। इस दौरान जय श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। दुर्गा उत्सव और रावण दहन के आयोजनों ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बनाए रखा।
समिति सदस्यों ने जताया आभार
दुर्गा उत्सव समिति के सदस्य प्रकाश माखींजा, चंद्रशेखर पाटनकर, विनोद वाल्मीकि, मनोज भराड़े, आकाश माथुर, सोनू प्रशांत और नंदी सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। समिति सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सहभागिता और सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए धार्मिक परंपरा को आगे भी इसी उत्साह के साथ जारी रखने की भावना व्यक्त की।
What's Your Reaction?