बंडा में अवैध शराब कांड पर सरकार सख्त, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर मरीजों का जाना हाल, अवैध शराब के नेटवर्क पर कार्रवाई के निर्देश
भोपाल, 7 सितंबर 2026। बंडा क्षेत्र में अवैध शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के मामले को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर अवैध शराब से प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी लेते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं, पुलिस कार्रवाई और प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
शराब दुकानों की जांच और स्टॉक की निगरानी के निर्देश
देवड़ा ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि क्षेत्र की सभी शराब दुकानों की जांच की जाए। दुकानों के स्टॉक की नियमित निगरानी के साथ-साथ अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी पूरे प्रकरण में कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और अवैध शराब के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
आईसीयू और क्रिटिकल केयर वार्ड में मरीजों से मिले
उपमुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के आईसीयू और क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित अधिकांश मरीजों की स्थिति अब स्थिर है, जबकि एक गंभीर मरीज को बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स भेजा गया है।
30 आरोपियों पर कार्रवाई, 13 गिरफ्तार
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, थाना बंडा में भारतीय न्याय संहिता और मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 30 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इनमें से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के निर्देश
उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम 24 घंटे उपलब्ध रहे। मरीजों के उपचार के लिए दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और अन्य आवश्यक संसाधनों की किसी भी स्थिति में कमी नहीं होने दी जाए।
उन्होंने मरीजों के परिजनों से भी चर्चा की और उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
What's Your Reaction?