MP में शिक्षा का मेगा प्लान! 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती के साथ 700 जीर्ण-शीर्ण स्कूलों में 2 साल में बनेंगे नए भवन

Aug 29, 2026 - 20:33
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MP में शिक्षा का मेगा प्लान! 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती के साथ 700 जीर्ण-शीर्ण स्कूलों में 2 साल में बनेंगे नए भवन

CM मोहन यादव के निर्देश पर भर्ती प्रक्रिया में आई तेजी, जीर्ण-शीर्ण स्कूलों और कमरों के निर्माण पर भी बड़ा फैसला

भोपाल। 

मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने कई अहम फैसलों की रूपरेखा तैयार की है। इसमें 10 हजार शिक्षकों की भर्ती से लेकर स्कूलों के भवनों के निर्माण तक का प्लान शामिल है।

10 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से स्पष्ट पूछा कि नई शिक्षक भर्ती कब शुरू होगी और कितने पदों पर होगी। जानकारी के अनुसार, विभाग मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों के पदों की गिनती में जुटा है। प्रमोशन के कारण खाली हुए पदों और रिटायरमेंट से खाली होने वाले पदों को जोड़कर भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने संचालनालय के अधिकारियों को प्रदेशभर में शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही करीब 10 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

700 जीर्ण-शीर्ण स्कूलों के लिए नए भवन:

प्रदेश में करीब 90 हजार स्कूल हैं, जिनमें से लगभग 700 स्कूल पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों की जगह दो साल के भीतर नए भवन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। विभाग इन स्कूलों के निर्माण का खर्च आंकलन कर रहा है। निर्माण कार्य कलेक्टर के माध्यम से स्कूल विकास निधि से कराया जाएगा, हालांकि इसे किसी अन्य एजेंसी को देने पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

3 हजार स्कूलों में नए कक्ष बनाने की तैयारी:

सरकार के फैसले के बाद विभाग लगभग 3 हजार मरम्मत योग्य स्कूलों में नए कक्ष बनाने की तैयारी कर रहा है। इन स्कूलों में कक्षों की हालत खराब है, जिसके लिए अतिरिक्त निर्माण या सुधार की जरूरत है। चूंकि एक साथ 3 हजार स्कूलों की जिम्मेदारी किसी एक एजेंसी को देने पर गुणवत्ता पर सवाल उठ सकते हैं, इसलिए विभाग 10 से 15 स्कूलों का क्लस्टर बनाकर उन्हें मरम्मत और निर्माण की जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि जीर्ण-शीर्ण स्कूलों के नए भवन और मरम्मत योग्य स्कूलों में नए कक्ष बनाने की पूरी प्रक्रिया दो साल में पूरी हो।

पंचायत, नगरीय निकाय और PHE की भी होगी जिम्मेदारी:

स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अब पंचायतों, नगरीय निकायों और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (PHE) विभाग की भूमिका भी तय की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों की बाउंड्रीवॉल का काम पंचायतों के जरिए कराया जा सकता है, जबकि ग्रामीण स्कूलों में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी PHE विभाग को देने पर विचार चल रहा है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में स्कूलों की बाउंड्रीवॉल का काम नगरीय निकायों के माध्यम से कराया जा सकता है। इन सभी व्यवस्थाओं को लेकर विभागीय स्तर पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

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