नीलगाय के शिकार मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए जेल
रिपोर्ट--- आकाश नामदेव
दो हफ्ते पहले मिला था मृत नीलगाय का शव, जांच के बाद वन विभाग ने की कार्रवाई
उमरिया।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बसकुटा में करीब दो सप्ताह पहले सामने आए नीलगाय के शिकार के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 07 अक्टूबर को मृत नीलगाय मिलने के बाद शुरू हुई जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 23 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पार्क प्रबंधन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 07 अक्टूबर 2026 को वन अमला नियमित गश्ती कर रहा था। सुबह करीब 6 बजे झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र में एक पेड़ के नीचे घास से ढकी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घास हटाई तो वहां नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली।
घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड बुलाकर छानबीन की गई और वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने शव परीक्षण किया। घटना की परिस्थितियों की जांच और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई।
जांच के बाद वन विभाग ने साक्ष्यों के आधार पर *नरेंद्र सिंह पिता जगमोहन सिंह, निवासी घुन्सू तथा नागेश्वर सिंह पिता मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला, थाना कोतवाली उमरिया* को गिरफ्तार किया। दोनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50 एवं 51 के तहत कार्रवाई की गई है।
इस मामले में फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। वन्यजीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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