पीला मोजेक ने बर्बाद की सोयाबीन की फसल, किसानों ने मांगा मुआवजा

Sep 15, 2026 - 21:56
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पीला मोजेक ने बर्बाद की सोयाबीन की फसल, किसानों ने मांगा मुआवजा

जनसुनवाई में ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन, सड़क निर्माण में भेदभाव और अधूरे विकास कार्यों की भी शिकायत

भोपाल। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। किसानों ने बारिश और पीला मोजेक रोग से खराब हुई सोयाबीन की फसल का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की। वहीं, ग्राम मूरैल खुर्द के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में भेदभाव और विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को शिकायत सौंपी।

फसल बर्बाद होने से बढ़ा कर्ज का संकट

ग्राम खनपुरा और मर्दानपुर के किसान खराब सोयाबीन की फसल लेकर जनसुनवाई में पहुंचे। किसानों ने बताया कि उनकी फसल पीला मोजेक रोग की चपेट में आने से पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसान मनोज कुमार, हरिओम, सतपाल सिंह, कृष्णमोहन, सुदीप, बैजनाथ और दीवान सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि कृषि ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। फसल नष्ट होने से परिवार के भरण-पोषण के साथ बैंक और साहूकारों का कर्ज चुकाने का संकट खड़ा हो गया है।

किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का शीघ्र सर्वे कराने और नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा राशि स्वीकृत करने की मांग की।

गरीब बस्तियों की ओर सड़क अधूरी छोड़ने का आरोप

ग्राम पंचायत कानपोहरा के अंतर्गत ग्राम मूरैल खुर्द के ग्रामीणों ने सरपंच, सरपंच पति और ग्राम सचिव पर विकास कार्यों में अनियमितता और भेदभाव का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में बताया कि जगदीश के मकान से पुरानी आरआर मेन रोड तक सड़क निर्माण स्वीकृत हुआ था, लेकिन आरोप है कि रसूखदारों के क्षेत्र में सड़क का काम करा दिया गया और गरीब बस्तियों की ओर करीब 32 मीटर सड़क अधूरी छोड़ दी गई।

ग्रामीणों के अनुसार सड़क अधूरी होने के कारण बारिश में रास्ते पर घुटनों तक पानी भर जाता है। इससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने मरघट और अथाई चौपाल का काम भी अधूरा होने की शिकायत करते हुए निर्माण कार्यों की जांच और शेष काम जल्द पूरा कराने की मांग की।

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