तीन साल से तहसील-कलेक्ट्रेट के चक्कर, जनसुनवाई में जमीन पर बैठी महिला बोली- अब तो घर भी हाथ से जा रहा
रायसेन। अपनी जमीन और मकान से जुड़ी समस्या का निराकरण नहीं होने से परेशान ग्राम पड़ोनिया निवासी पूजा मीणा मंगलवार को जनसुनवाई में अधिकारियों के सामने जमीन पर बैठ गईं। पति कमलेश मीणा के साथ पहुंची पूजा ने आरोप लगाया कि वह पिछले तीन साल से तहसील से कलेक्ट्रेट और कलेक्ट्रेट से तहसील के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। महिला ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो तीन दिन में उसका मकान भी हाथ से निकल जाएगा।
पूजा मीणा ने अधिकारियों को दिए आवेदन में बताया कि खसरा क्रमांक 88 में 58 वर्गमीटर के प्लॉट क्रमांक 20 पर उनका पैतृक आवासीय मकान स्थित है और वर्तमान में भी उनका ही वास्तविक कब्जा है। उनका आरोप है कि ड्रोन सर्वे के दौरान आवासीय पट्टा उनके नाम जारी होने के बजाय गांव के ही दिनेश शर्मा के नाम जारी कर दिया गया।
महिला के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति अब तीन दिन के भीतर उक्त जमीन की रजिस्ट्री कराने की तैयारी में है। ऐसे में परिवार के सामने अपने मकान को बचाने का संकट खड़ा हो गया है।
जनसुनवाई में महिला ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर गलत तरीके से जारी किए गए पट्टे को निरस्त करने और उसके पैतृक मकान एवं जमीन पर अधिकार सुरक्षित रखने की मांग की। महिला के जनसुनवाई में जमीन पर बैठने के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से सुना और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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