स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों के विरोध में उपभोक्ताओं का प्रदर्शन, मीटर हटाने और बिल माफी की मांग
बैतूल।
स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिलों में कथित तौर पर अचानक और असामान्य वृद्धि के विरोध में शुक्रवार 21 अगस्त को युवा समाजसेवी राजेश गावंडे के नेतृत्व में नागरिकों और विद्युत उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल, ऊर्जा मंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें स्मार्ट मीटर व्यवस्था की निष्पक्ष जांच और समीक्षा कराने के साथ उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की गई। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर हटाने और लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर से संबंधित बिजली बिल माफ करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
राजेश गावंडे ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद अनेक उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनकी बिजली खपत और बिल एक निश्चित स्तर पर रहते थे, लेकिन मीटर बदलने के बाद खपत और बिल में अप्रत्याशित वृद्धि दिखाई दे रही है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ किसान, छोटे व्यापारी और निम्न आय वर्ग के परिवार आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि जिन उपभोक्ताओं के बिलों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद असामान्य वृद्धि हुई है, उनकी विशेष जांच कराई जाए। पुराने मीटर की अंतिम रीडिंग और स्मार्ट मीटर की प्रारंभिक रीडिंग का रिकॉर्ड उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही स्मार्ट मीटर की एक्यूरेसी और तकनीकी क्षमता की स्वतंत्र जांच अधिकृत तकनीकी संस्था से कराने तथा जिला स्तर पर स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग की गई।
- खपत का तुलनात्मक परीक्षण कराने की मांग
उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगने से पहले के पिछले 12 महीनों की बिजली खपत और मीटर लगने के बाद की खपत का तुलनात्मक परीक्षण कराने की मांग की, ताकि बिलों में हुई वृद्धि की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। यदि जांच में मीटर खराब या रीडिंग में तकनीकी त्रुटि पाई जाती है तो उसका आर्थिक भार उपभोक्ता पर नहीं डालने तथा गलत या अतिरिक्त बिल की पुष्टि होने पर वसूली गई राशि को समायोजित अथवा नियमानुसार वापस करने की मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि शिकायत का निराकरण होने तक विवादित अतिरिक्त राशि की वसूली और बिजली कनेक्शन काटने जैसी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। स्मार्ट मीटर लगाने और बदलने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए मीटर नंबर, प्रारंभिक रीडिंग, सील नंबर और स्थापना संबंधी जानकारी उपभोक्ता को लिखित या डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही स्मार्ट मीटर में दर्ज बिजली खपत का दैनिक और घंटेवार विवरण देखने की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई।
- शिकायतों के समाधान की निश्चित समय-सीमा तय करने की मांग
शिकायतों के निराकरण के लिए जिले में विशेष शिकायत प्रकोष्ठ या हेल्प डेस्क बनाने और शिकायतों के समाधान की निश्चित समय-सीमा तय करने की मांग भी की गई। इसके अलावा जिले में अब तक लगाए गए स्मार्ट मीटरों की संख्या, प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति का सार्वजनिक विवरण जारी करने तथा स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर जनसुनवाई आयोजित करने की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान राजेश गावंडे ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा और निष्पक्ष जांच होने तक केवल विवादित बिजली बिल के आधार पर किसी उपभोक्ता के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं करने की मांग की। साथ ही मीटर या बिलिंग में गलती मिलने पर संबंधित उपभोक्ता को उचित राहत देने की मांग की।
प्रदर्शन में हेमन्त वागद्रे, नवनीत श्रीवास, अजय तिवारी, गोल्डी मिश्रा, अजाब झरबड़े, संदीप उइके , रितेश पवांर, लल्ली वर्मा, अनुराग मिश्रा, रितेश शुक्ला, आशीष साहू, सौरभ ठाकुर, विनीत शर्मा, दीपक पवार, रिषी दीक्षित, राजा ठाकुर, सेंटी वाघमारे, राजा सोनी, सरफराज खान, वैभव काले, वैभव साबले, भूषण पण्डागरे, राजेश बारस्कर, बबलू वाधमारे, रवि त्रिपाठी, तरुण कालभोर, तरुण सोनी, नईम खान, कमलेश यादव, पंकज मिश्रा, रमेश गायकवाड़, सोमेश त्रिवेदी, बण्डु कुम्भारे, निशु घोटे, देवेन्द्र सूर्यवंशी तरुण कालभोर, महेश सोनी निर्गुण देशमुख, सुनील नाइक, मनीष दीक्षित हेमन्त पगारिया आदि सैकड़ों नागरिक उपस्थित थे।
What's Your Reaction?