बैतूल जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग, कर्जमाफी और मुआवजे के लिए कलेक्टोरेट पहुंचे किसान

Oct 17, 2026 - 22:43
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बैतूल जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग, कर्जमाफी और मुआवजे के लिए कलेक्टोरेट पहुंचे किसान
बैतूल जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग, कर्जमाफी और मुआवजे के लिए कलेक्टोरेट पहुंचे किसान

आठनेर में महज 16 प्रतिशत बारिश से खरीफ फसलों को नुकसान का दावा, किसानों ने कलेक्टर को सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन

बैतूल/आठनेर। मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आठनेर क्षेत्र में महज 16 प्रतिशत बारिश होने से खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचने का दावा करते हुए किसानों ने पूरे बैतूल जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। खेतों में सूखती फसलें, नदी-नालों में पानी की कमी और कुओं-बोरवेल का गिरता जलस्तर किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। खरीफ फसल प्रभावित होने के साथ अब आगामी रबी सीजन की खेती पर भी संकट मंडराने लगा है। इन समस्याओं को लेकर किसान जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर राहत की मांग की।

फसलें सूखने से लागत निकालना भी मुश्किल

किसानों के मुताबिक, बारिश की कमी के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूख गई हैं। इससे खेती में लगाई गई लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं, नदी-नालों में पानी नहीं रहने और कुओं तथा बोरवेल का जलस्तर नीचे जाने से आगामी रबी सीजन में बुआई की संभावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। किसानों ने इसे गंभीर कृषि संकट बताते हुए प्रशासन से जल्द राहत देने की मांग की है।

अघोषित बिजली कटौती से सिंचाई में परेशानी

किसानों ने ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि रात के समय बिजली गुल रहने से सिंचाई संबंधी परेशानियां बढ़ जाती हैं। अंधेरे में खेतों में काम करने के दौरान सांप-बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की है।

किसानों की पांच प्रमुख मांगें

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें विकासखंड आठनेर सहित पूरे बैतूल जिले को सूखाग्रस्त घोषित करना, प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देना, फसल बीमा की राशि तत्काल उपलब्ध कराना, किसानों का कृषि कर्ज माफ करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिजली कटौती पर रोक लगाना शामिल है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश की स्थिति और फसलों को हुए नुकसान का जल्द आकलन कराया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत राशि और आवश्यक सहायता मिल सके।

जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे किसान

किसानों की मांगों को लेकर जिला पंचायत सदस्य रामचरण इरपाचे, जनपद सदस्य दीपक चौरे, सरपंच रामा इवने, अमित जैसवाल और सरपंच अजय आहके सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे।

ज्ञापन सौंपने वाले किसानों में घनश्याम आजाद, शिवदयाल लोखंडे, राजू पटेल लहरपुरे, सुखदेव जितपुरे, सालकराम जितपुरे, महादेव जितपुरे, गणेश टेकपुरे, बंशीलाल अनघोरे, जितेंद्रसिंह इवने, सोनू धुर्वे, जगदीश लोखंडे, मिथिलेश लहरपुरे, शुभम अनघोरे, प्रमोद टेकपुरे, रिंकेश टेकपुरे, सतीश जीतपुरे, आनंद राव लहरपुरे, नंदूजी जितपुरे, प्रशांत लोखंडे, नारायण टेकपुरे, संजय लोखंडे, प्रफुल धाकड़, सुधाकर धुर्वे, हरिराम मोरोपे, रघुनाथ धुर्वे, फगनसिंह परते, हेमराज उयके, प्रकाश कसरोदे, कार्तिक लहरपुरे, राजू टेकपुरे, अक्षय जीतपुरे, अंबर लहरपुरे, सोहन प्रजापति, महेश जीतपुरे, कपिल टेकपुरे, ऋषि उयके, विशाल भरतपुरे, पारस लहरपुरे, गुलशन टेकपुरे और पिंटू धुर्वे शामिल हैं।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खरीफ फसल बर्बाद होने से पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए जल्द निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि समय पर राहत मिलने से किसानों को आगामी रबी सीजन की तैयारी करने में मदद मिलेगी।

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