ताप्ती के संरक्षण के लिए 100 से अधिक युवाओं ने श्रमदान कर नदी से निकाली पीओपी प्रतिमाएं
ताप्ती समग्र टीम ने खेड़ी ताप्ती घाट पर चलाया स्वच्छता अभियान
बैतूल।
माँ ताप्ती के संरक्षण के लिए ताप्ती समग्र सोशल वेलफेयर फाउंडेशन मुलतापी द्वारा शनिवार को ग्राम खेड़ी सांवलीगढ़ स्थित ताप्ती घाट पर घाट सफाई अभियान चलाया गया। "पर्यावरण संरक्षण गतिविधि" के तहत हुए इस अभियान में भोपाल, मुलताई और प्रभात पट्टन से आए 100 से अधिक युवाओं ने ग्रामवासियों के साथ मिलकर श्रमदान किया।
सुबह से शुरू हुए श्रमदान में युवाओं ने घाट और नदी तट से प्लास्टिक, पॉलीथिन और पूजन सामग्री का कचरा इकट्ठा किया। अभियान में लगभग एक ट्रॉली कचरा निकाला गया। साथ ही नदी में विसर्जित की गई लगभग 25 से 30 देवी प्रतिमाएं भी बाहर निकाली गईं।
संस्था के अध्यक्ष श्री गौरव माकोड़े ने बताया कि दुर्गा जी की प्रतिमाएं पीओपी से बनी होने के कारण पानी में घुलती नहीं हैं। वे लंबे समय तक नदी में पड़ी रहती हैं, उनके रासायनिक रंग जल को प्रदूषित करते हैं और जलीय जीवों को नुकसान पहुँचाते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि मिट्टी की प्रतिमाओं का उपयोग करें, विसर्जन निर्धारित कुंड में करें और घाटों पर प्लास्टिक न फेंकें।
अभियान के दौरान उपस्थित लोगों को नदी संरक्षण, सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति और जलवायु परिवर्तन में हर नागरिक की भूमिका के बारे में बताया गया। कार्यक्रम का समापन माँ ताप्ती की पूजन-आरती के साथ हुआ। उल्लेखनीय है कि ताप्ती समग्र टीम लगभग 4 वर्षों से माँ ताप्ती और माँ नर्मदा के घाटों पर वृक्षारोपण और घाट सफाई अभियान लगातार चला रही है। हर अभियान में भोपाल, मुलताई और प्रभात पट्टन से युवा नियमित रूप से जुड़ते हैं, और अब यह पहल युवाओं के एक सशक्त जन-आंदोलन का रूप ले रही है।
इस अवसर पर समाजसेवी दिनेश मस्की, हेमंत वागद्रे, नरेश फाटे और डॉ. नितिन देशमुख तथा संस्था के सदस्य गौरव माकोड़े, दुपेन्द्र झरबड़े, सुमित बर्डे, भूषण देशमुख, राहुल धोटे, सोनू पाटणकर, सचिन बोहरपी, सूरज चरपे, गन्नू झरबड़े, कमलेश गायकवाड़, किशन गायकवाड, भावेश लोखंडे, अंकुश बारस्कर, अंकित माहले, देवेंद्र सोनारे एवं प्रणव बारस्कर के साथ ही अन्य युवा उपस्थित थे।
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