शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और फर्जी रजिस्ट्री का मामला
पटवारी की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, एसडीएम कोर्ट में सुनवाई
भोपाल।
परवलिया सड़क में बहुचर्चित शासकीय भूमि की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने और प्लॉट काटकर बेचने के मामले में पटवारी की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। एसडीएम हुजूर विनोद सोनकिया के सख्त रुख और कड़े निर्देशों के बाद पटवारी द्वारा मौका मुआयना करने तथा पुराने राजस्व रिकॉर्ड खंगालने के बाद यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि जिस जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्रियां कराई गईं, राजस्व रिकॉर्ड में उसका कोई वैध पट्टा दर्ज नहीं है और यह भूमि पूर्णतः शासकीय (अहस्तांतरणीय) है।
वर्ष 1959 से शासकीय दर्ज है जमीन
पटवारी द्वारा खंगाले गए शासकीय दस्तावेजों के अनुसार:
* वर्ष 1959 का रिकॉर्ड: खसरा नंबर 318 एवं 319 (पुराने खसरा नंबर 134/2, 135/2, 136/2, 420, 421, 422 आदि) वर्ष 1959 से ही शासकीय भूमि के रूप में दर्ज चले आ रहे हैं।
* कोई पट्टा नहीं मिला: रिकॉर्ड रूम के पुराने खसरों की जांच में किसी भी खसरे में पट्टे अथवा निजी स्वामित्व का कोई उल्लेख प्राप्त नहीं हुआ है।
* बेची नहीं जा सकती जमीन: यह भूमि अहस्तांतरणीय श्रेणी की है, जिसे न तो बेचा जा सकता है और न ही इस पर कोई निजी निर्माण या मकान बनाया जा सकता है।
* सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण: मजरा टोला के नवीन नक्शे के अनुसार वर्तमान में इस स्थान पर बिजली ऑफिस, पशु चिकित्सालय, सहकारी समिति सोसाइटी, सुलभ केंद्र, मंडी एवं बाजार के चबूतरे आदि सार्वजनिक निर्माण बने हुए हैं।
5 महीने से लंबित फाइल पर SDM के कड़े रुख से मचा हड़कंप
एडवोकेट चेतन पाटीदार निवासी परवलिया सड़क द्वारा की गई शिकायत पर यह मामला विगत 5-6 महीनों से तहसील हुजूर में ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। पूर्व में नोटिस जारी होने के बावजूद भू-माफिया अथवा कब्जाधारी एक बार भी दस्तावेज लेकर तहसील कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए।
मामला संज्ञान में आते ही एसडीएम विनोद सोनकिया ने सख्त रुख अपनाते हुए दबी हुई फाइल बुलवाई और पटवारी व तहसीलदार को तत्काल मौके की पड़ताल कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। एसडीएम के कड़े निर्देशों के बाद राजस्व अमले ने जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार की है।
सरपंच और भू-माफिया की सांठगांठ का आरोप
शिकायतकर्ता चेतन पाटीदार के अनुसार, परवलिया सड़क के सरपंच कन्हैया लाल पाटीदार और शीबा खान ने मिलीभगत कर इस शासकीय भूमि पर फर्जी तरीके से प्लॉटिंग की और अवैध रूप से रजिस्ट्रियां करवा दीं।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
यह मामला एसडीएम विनोद सोनकिया के समक्ष सुनवाई हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन द्वारा निम्नलिखित सख्त कार्रवाई की जा सकती है:
* रजिस्ट्रियाँ शून्य (निरस्त) करना: फर्जी तरीके से कराई गई अवैध रजिस्ट्रियों को रद्द करने हेतु कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
* अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई: शासकीय एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए जल्द ही बेदखली व बुलडोजर की कार्रवाई हो सकती है।
* अपराधिक प्रकरण दर्ज होना: जालसाजी कर सरकारी जमीन बेचने वाले भू-माफियाओं और इसमें शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा या जालसाजी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
— विनोद सोनकिया, एसडीएम, तहसील हुजूर
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