OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला, धर्मेश घई ‘रोमी’ बोले- युवाओं के हित प्रभावित
27 प्रतिशत आरक्षण की मांग वाली याचिकाएं खारिज, 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर तीन महीने में नियुक्ति के निर्देश
मैहर। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। अदालत ने 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग से संबंधित याचिकाएं खारिज कर दी हैं। फैसले के बाद जिला कांग्रेस कमेटी मैहर के अध्यक्ष धर्मेश घई ‘रोमी’ ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार की कमजोर पैरवी के कारण OBC वर्ग के युवाओं के हित प्रभावित हुए हैं।
धर्मेश घई ‘रोमी’ ने कहा कि वर्ष 2019 में कांग्रेस सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था। इसके बाद भाजपा सरकार को OBC समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए गंभीरता से प्रयास करने चाहिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अदालत में 27 प्रतिशत आरक्षण के समर्थन में पर्याप्त आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाई, जिसका खामियाजा पिछड़ा वर्ग के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।
14 प्रतिशत आरक्षण पर कायम रहने की स्थिति
हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश में OBC आरक्षण 14 प्रतिशत ही रखने की स्थिति बनी हुई है। अदालत ने 27 प्रतिशत आरक्षण के समर्थन में पर्याप्त आंकड़े पेश नहीं किए जाने का उल्लेख किया। इसके साथ ही 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने तीन महीने के भीतर इन पदों पर अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।
27 प्रतिशत आरक्षण के लिए संघर्ष जारी रखेगी कांग्रेस
धर्मेश घई ‘रोमी’ ने कहा कि OBC वर्ग के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर सड़क से लेकर हर स्तर तक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार और न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेश में आरक्षण व्यवस्था और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए OBC वर्ग के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही है।
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