सिंधी लिपि में बात करने, पंचायतों की मजबूती व आत्म सुरक्षा पर दिया जोर

Sep 15, 2026 - 23:35
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सिंधी लिपि में बात करने, पंचायतों की मजबूती व आत्म सुरक्षा पर दिया जोर

सिंधी सेन्ट्रल पंचायत के राष्ट्रीय सम्मेलन में जुटे विभिन्न राज्यों व विदेशों के प्रतिनिधि

भोपाल। संत हिरदाराम नगर की अग्रणी सामाजिक संस्था सिंधी सेन्ट्रल पंचायत द्वारा वियतनाम में आयोजित पारिवारिक टूर एवं एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में समाज सुधार, संस्कृति संरक्षण और आत्म सुरक्षा को लेकर गहन मंथन किया गया। सम्मेलन में देश भर की सिंधी नगर पंचायतों को सशक्त बनाकर आपसी विवादों को सुलझाने, मातृभाषा के प्रयोग और युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में भेजने पर विशेष बल दिया गया।

9 दिवसीय पारिवारिक यात्रा और सम्मेलन से लौटे सिंधी सेन्ट्रल पंचायत के अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश इसरानी ने बताया कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन में नांदेड, बनारस, अहमदाबाद, दिल्ली, लखनऊ, पटना, सीतापुर, कल्याण, बैंगलोर, मुंबई से लेकर दुबई तक के जाने-माने प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही।

मातृभाषा का अभ्यास और पारिवारिक मूल्यों की रक्षा

पंचायत अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश इसरानी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह बचपन में सीखी ड्राइविंग इंसान जीवनभर नहीं भूलता, ठीक उसी तरह यदि बच्चों को बाल्यकाल से ही अपनी मातृभाषा सिंधी में बात करने और सिंधी लिपि का अभ्यास कराया जाए, तो वे इसे हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने टूटते पारिवारिक रिश्तों पर चिंता जताते हुए बिचौलियों की भूमिका पर सवाल उठाए और बच्चों को प्रशासनिक अधिकारी बनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं लखनऊ के लालचंद ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से लाइसेंसधारी हथियार रखने का सुझाव दिया।

आजादी के 79 साल बाद भी मालिकाना हक से वंचित

पंचायत के महासचिव सुरेश जसवानी ने समाज के अधिकारों की बात उठाते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में वतन छोड़कर आए सिंधियों को राजनीति और नौकरियों में जो 10 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आजादी के 79 साल बाद भी कई राज्यों में सिंधी परिवार अपनी संपत्ति के मालिकाना हक से वंचित हैं, जबकि महाराष्ट्र में यह हक हाल ही में 10 मई को मिल सका है।

ट्रेडिंग और मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ाएं कदम

टूर एवं पंचायत संयोजक कन्हैयालाल इसरानी ने समाज के आर्थिक उत्थान पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सिंधी समाज कारोबार में हमेशा अग्रणी रहा है, लेकिन अब समय आ गया है जब हमारे युवा ट्रेडिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें।

सम्मेलन में लखनऊ के पंडित अशोक शर्मा, बनारस के हंसराज टहलियानी, ग्वालियर के किशनचंद रोहरा, राजकुमार कुकरेजा, कल्याण की आरती टेकचंदानी सहित कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने समाज की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। संत हिरदाराम नगर से कन्हैयालाल इसरानी, सुरेश जसवानी, नरेश चोटरानी और रमेश जोतवानी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सुरेश जसवानी ने किया तथा आभार प्रदर्शन नरेश चोटरानी ने किया।

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