नजूल भूमि पर फेंसिंग और ताले से वर्षों पुराने धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम प्रभावित, 27 दिन बाद भी पुलिस जांच रिपोर्ट का इंतजार
भोपाल।
तुलसी नगर स्थित डीईओ कार्यालय के सामने नजूल/शासकीय भूमि पर वर्ष 2025 में की गई फेंसिंग और गेट पर लगाए गए ताले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। समिति का दावा है कि इस स्थान पर पिछले 20 से 25 वर्षों से गणेश उत्सव, दुर्गाजी स्थापना, 15 अगस्त और 26 जनवरी पर ध्वजारोहण सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। फेंसिंग और गेट पर ताला लगाए जाने के बाद से इन आयोजनों में बाधा आ रही है।
सरकारी दस्तावेजों में फेंसिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
समिति अध्यक्ष तुषार कुमार सेन के अनुसार, लोक निर्माण विभाग, अनुरक्षण उपसंभाग क्रमांक-01 भोपाल के 2 मार्च 2026 के पत्र में संबंधित भूमि को नजूल से संबंधित बताया गया है। वहीं नगर निगम भोपाल के जोन-07 से प्राप्त लिखित जानकारी में संबंधित यांत्रिक शाखा ने फेंसिंग के लिए प्रस्ताव बनाने और ताला लगाने की कार्रवाई से इनकार किया है। इसके बाद समिति ने सवाल उठाया है कि शासकीय/नजूल भूमि पर फेंसिंग और गेट किसने लगाया और इसके लिए किस वैधानिक आदेश या अनुमति का आधार लिया गया।
आरोग्य भारती से संबंधित राजस्व नोटिस भी जारी
समिति का कहना है कि मामले में राजस्व/तहसीलदार स्तर से आरोग्य भारती से संबंधित पक्ष के विरुद्ध नोटिस भी जारी किया गया था। समिति के मुताबिक संबंधित पक्ष ने नोटिस लेने से इनकार किया। समिति ने मांग की है कि पूरे राजस्व प्रकरण की पत्रावली सार्वजनिक कर यह स्पष्ट किया जाए कि नोटिस के बाद क्या कार्रवाई हुई और मामला अब तक लंबित क्यों है।
पुलिस जांच के आदेश, पांच दिन में रिपोर्ट के निर्देश
तुषार कुमार सेन ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर एसडीएम/डिप्टी कलेक्टर भोपाल के समक्ष शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस उपायुक्त जोन-1 भोपाल ने 17 अगस्त 2026 को पत्र क्रमांक 4777 जारी कर सीएसपी टीटी नगर और थाना टीटी नगर को आवश्यक जांच कर पांच दिवस में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। समिति का दावा है कि निर्धारित समय बीतने के बावजूद पुलिस उपायुक्त को जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
समिति ने प्रशासन से उठाए छह सवाल
समिति ने संबंधित भूमि के राजस्व रिकॉर्ड, स्वामित्व, फेंसिंग और ताला लगाने वाले व्यक्ति या संस्था तथा इसके लिए ली गई अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा आरोग्य भारती से संबंधित राजस्व नोटिस पर हुई कार्रवाई और पुलिस उपायुक्त के निर्देश के बावजूद जांच रिपोर्ट नहीं भेजे जाने का कारण भी पूछा है। समिति ने जनवरी 2026 से जारी शिकायतों और विभागीय जवाबों के बावजूद भूमि का निष्पक्ष सीमांकन एवं अतिक्रमण संबंधी निर्णायक कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठाया है।
सीमांकन और संयुक्त निरीक्षण की मांग
समिति ने कलेक्टर भोपाल और पुलिस प्रशासन से संबंधित नजूल भूमि का तत्काल सीमांकन एवं संयुक्त स्थल निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही फेंसिंग और ताला लगाने वाले व्यक्ति या संस्था की पहचान, अनुमति या कार्यादेश की जांच, आरोग्य भारती से जुड़े राजस्व प्रकरण की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने तथा पुलिस जांच की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत कराने की मांग की है। समिति ने मामले की जांच वरिष्ठ एवं निष्पक्ष अधिकारी की निगरानी में कराने और अनधिकृत कब्जा या अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार शासकीय भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग भी की है।
समिति अध्यक्ष तुषार कुमार सेन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था से विवाद करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और कानून का पालन सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि यदि भूमि शासकीय/नजूल है तो उस पर फेंसिंग और ताला किसने और किस अधिकार से लगाया।
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