अमरकंटक में सरकारी पैसे से बनी ध्यान कुटिया ध्वस्त, करोड़ों के विकास कार्यों पर फिर उठे सवाल,

Oct 14, 2026 - 23:07
 0  14
अमरकंटक में सरकारी पैसे से बनी ध्यान कुटिया ध्वस्त, करोड़ों के विकास कार्यों पर फिर उठे सवाल,

नेताओं और अधिकारियों की मौज के लिए बहाया जाता है पैसा

अनूपपुर/अमरकंटक। पवित्र नगरी अमरकंटक में एक बार फिर सरकारी पैसों के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। शंभू धारा के जंगल में लाखों की लागत से बनाई गई ध्यान कुटिया के असमय ध्वस्त होने से आम जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अमरकंटक विकास के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में विकास कहीं नजर नहीं आता।

*क्या है पूरा मामला?*

बताया जा रहा है कि शंभू धारा क्षेत्र में वन विभाग या विकास प्राधिकरण द्वारा ध्यान और साधना के लिए एक विशेष कुटिया का निर्माण कराया गया था। उद्देश्य था कि यहां आने वाले साधक, पर्यटक और श्रद्धालु आध्यात्मिक और सांसारिक उन्नति के लिए ध्यान कर सकें। लेकिन घटिया निर्माण सामग्री और बिना प्लानिंग के बनाए गए इस ढांचे ने कुछ ही समय में दम तोड़ दिया और स्वतः ही खंडित होकर गिर गया।

अब इस कुटिया का मलबा जंगल में पड़ा हुआ है, जो सरकारी कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

*जनता का फूटा गुस्सा*

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अमरकंटक में अधिकारियों और नेताओं के मूड के हिसाब से प्रोजेक्ट बनाए जाते हैं। करोड़ों का टेंडर निकाला जाता है, कागजों में काम पूरा दिखा दिया जाता है, लेकिन हकीकत में निर्माण गुणवत्ता विहीन होता है।

एक स्थानीय नागरिक ने कहा, "यह ध्यान कुटिया इसलिए बनाई गई थी कि लोगों की उन्नति हो, लेकिन अब जब इसका अस्तित्व ही खत्म हो गया है तो सोचिए किसकी उन्नति हुई? ठेकेदार की और कमीशनखोर अधिकारियों की।"

*जांच की मांग*

अब जब ध्यान कुटिया का अस्तित्व ही खंडित हो गया है तो लोगों का ध्यानाकर्षण इस ओर गया है कि आखिर इसके निर्माण में कितना पैसा लगा, किस ठेकेदार ने बनाया और इसकी गुणवत्ता की जांच किसने की थी? लोगों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

अमरकंटक जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के तीर्थ स्थल में इस तरह की घटनाएं न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि मां नर्मदा की पवित्र नगरी की छवि को भी धूमिल कर रही हैं।

 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow