बालिकाओं के शौचालय में ताला लगाने पर फूटा गुस्सा, लापरवाह वार्डन और प्राचार्य को हटाने का प्रस्ताव पास
भोपाल जिला पंचायत शिक्षा समिति की बैठक में गरमाया मामला
भोपाल।
जिला पंचायत कार्यालय सभा कक्ष में जिला पंचायत भोपाल की शिक्षा स्थायी समिति की बैठक बेहद हंगामेदार और सख्त फैसलों वाली रही। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष व समिति के सभापति मोहन सिंह जाट ने की। बैठक के दौरान जिले के स्कूलों और छात्रावासों में व्याप्त लापरवाहियों, अनियमिताओं और बच्चों की परेशानियों को लेकर अधिकारियों को तीखे तेवरों का सामना करना पड़ा।
छात्रावास के दो वार्डनों को हटाने और जांच की मांग
सभापति मोहन सिंह जाट ने बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास (हताईखेड़ा, आनंदनगर) के सहायक वार्डन दिनेश बांशकार और कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास (बैरसिया) की सहायक वार्डन फरहत यासमीन पिछले 12 वर्षों से एक ही स्थान पर जमी हुई हैं। बच्चों के अभिभावकों द्वारा इनके खराब बर्ताव और अनियमिताओं की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। समिति ने इन दोनों को तत्काल प्रभाव से हटाने और उच्चस्तरीय जांच कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया।
हाई स्कूल बागरोदा का मामला: बालिकाओं के शौचालय में ताला!
बैठक के दौरान सदस्य श्रीमती चंद्रेश सुरेश राजपूत ने हाई स्कूल बागरोदा की एक गंभीर और संवेदनशील समस्या को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने बताया कि स्कूल के प्राचार्य द्वारा बालिकाओं के शौचालय में ताला लगाकर रखा जाता है, जिसके कारण बच्चियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शौचालय बंद रहने से बालिकाओं को घंटों अपनी जरूरतें रोकनी पड़ती हैं, और स्कूल के शौचालय भी बेहद गंदे हैं। समिति ने इस अमानवीय लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए शौचालय से तत्काल ताला खुलवाने और दोषी प्राचार्य पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
डीईओ ऑफिस में ताला लगाने की चेतावनी
सदस्य विनय मेहर ने जिला शिक्षा अधिकारी और DPC को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि उन्होंने जिला पंचायत की सामान्य और साधारण सभा की बैठकों में स्कूलों के सुधार से जुड़े जो महत्वपूर्ण बिंदु रखे थे, उन पर अगली बैठक से पहले ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। यदि तय समय में कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर ताला जड़ने के लिए बाध्य होंगे।
इसके साथ ही, बैठक में ईंटखेड़ी स्कूल के प्राचार्य को भी उनके पद से हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मत से पास किया गया।
जनप्रतिनिधियों की मंशा के अनुरूप काम करें अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य ने बैठक की कार्यवाही का एजेंडा प्रस्तुत किया और सभी उपस्थित बीआरसी, जन शिक्षकों तथा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों की मंशा और अपेक्षाओं के अनुसार अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का नियमित निरीक्षण करें। स्कूलों में छात्र-छात्राओं को समय पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जाए।
बैठक में यह रहे मौजूद:
बैठक में मुख्य रूप से शिक्षा समिति के सभापति व जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट, सदस्य श्रीमती चंद्रेश सुरेश राजपूत, सदस्य विनय मेहर, जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य, डीपीसी सिद्धार्थ जैन, बेरसिया के बीआरसी रामकिशन गुर्जर, बीईओ श्रीमती विजेता सूर्यवंशी, विनोद गुप्ता और जन शिक्षक शरद गुप्ता सहित कई प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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