दो माह से मेहनताना नहीं, बीमार बच्चे के इलाज के लिए भटक रहा बांधवगढ़ का श्रमिक
उमरिया/। विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा में लगे श्रमिकों के समय पर भुगतान को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। मामला सुरक्षा श्रमिक संतराम सिंह पेंद्रो का है। परिजनों के अनुसार करीब दो माह से मेहनताना नहीं मिलने के बीच संतराम के बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। बच्चे के उपचार के लिए पहले निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन आर्थिक परेशानी के चलते बाद में उसे जिला अस्पताल शहडोल में भर्ती कराना पड़ा।
परिजनों के अनुसार बच्चे की हालत को लेकर परिवार परेशान है। उनका कहना है कि सीमित आय में घर का खर्च चलाने वाले संतराम के सामने समय पर भुगतान नहीं मिलने से बच्चे के इलाज का खर्च जुटाना चुनौती बन गया है।
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