ओबीसी महासभा ने निर्वाचन अधिकारी दीपक पाण्डे पर लगाए गंभीर आरोप, कलेक्टर और आयुक्त को सौंपा शिकायत पत्र

Sep 23, 2026 - 11:36
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ओबीसी महासभा ने निर्वाचन अधिकारी दीपक पाण्डे पर लगाए गंभीर आरोप, कलेक्टर और आयुक्त को सौंपा शिकायत पत्र
ओबीसी महासभा ने निर्वाचन अधिकारी दीपक पाण्डे पर लगाए गंभीर आरोप, कलेक्टर और आयुक्त को सौंपा शिकायत पत्र

पार्षद बृजुला सचान के शपथ पत्र मामले में अधिकारी पर मनमानी और आयोग के आदेशों की अवहेलना का आरोप; जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद भी अभिमत न भेजने की शिकायत।

भोपाल 

ओबीसी महासभा के भोपाल जिलाध्यक्ष शैलेश सेन ने निर्वाचन शाखा के प्रभारी अधिकारी दीपक पाण्डे पर पद के दुरुपयोग और मनमानी का गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर और संभाग आयुक्त को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पाण्डे द्वारा वार्ड 31 की पार्षद बृजुला सचान के मामले में जानबूझकर अभिमत (Opinion) नहीं भेजा जा रहा है, जिससे निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया बाधित हो रही है।

मामला क्या है?

शिकायतकर्ता शैलेश सेन के अनुसार, उन्होंने 17 जनवरी 2026 को निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी कि वार्ड 31 की पार्षद बृजुला सचान द्वारा दिए गए शपथ पत्र (16 जून 2025) में कई तथ्य छिपाए गए और असत्य जानकारी दी गई। इस शिकायत पर जांच शुरू हुई, जिसमें एस.डी.एम. टी.टी. नगर द्वारा 12 जून 2026 को पत्र क्रमांक 1989/स.नि.अ./2026 के माध्यम से पुष्टि की गई कि पार्षद द्वारा मिथ्या और गलत जानकारी दी गई है। यानी शैलेश सेन की शिकायत सही पाई गई।

 दीपक पाण्डे पर मुख्य आरोप---

शिकायत पत्र के अनुसार, जब म.प्र. राज्य निर्वाचन आयोग ने कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी से अभिमत मांगा, तो श्री दीपक पाण्डे ने बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी अपना अभिमत आयोग को नहीं भेजा। आयोग के आदेश के बावजूद, उन्होंने कलेक्टर महोदय के हस्ताक्षर से पत्र न भेजकर, स्वयं अपने हस्ताक्षर से (पत्र क्रमांक 285/स्था.निर्वा./2026 दिनांक 19 जून 2026) सीधे आयोग को भेज दिया, जो नियमों के विरुद्ध है।

"फुटबॉल की तरह खेल रहे हैं मामले को"

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दीपक पाण्डे मामले को "फुटबॉल मैच की तरह इधर-उधर खेल रहे हैं" और पार्षद बृजुला सचान की बर्खास्तगी को रोकने के लिए किसी के दबाव में काम कर रहे हैं।

शैलेश सेन का आरोप है कि जब उन्होंने दीपक पाण्डे से मुलाकात की, तो उन्होंने कहा कि "मैं पत्र आयोग को भेजूंगा या नहीं भेजूंगा, तुम हस्तक्षेप नहीं कर सकते; अगर पार्षद की बर्खास्तगी कराना चाहते हो तो और कहीं चले जाओ, मैं नहीं भेजूंगा।"

इसके अलावा, 8 सितंबर 2026 को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी अभिमत नहीं भेजा गया। शिकायतकर्ता का मानना है कि दीपक पाण्डे और पार्षद बृजुला सचान के बीच मिलीभगत है, इसीलिए एक पार्षद को बचाने में इतनी रुचि दिखाई जा रही है।

मांग--

ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष शैलेश सेन ने कलेक्टर और संभाग आयुक्त से प्रार्थना की है कि दीपक पाण्डे के खिलाफ कार्रवाई की जाए और निर्वाचन आयोग द्वारा मांगा गया स्पष्ट अभिमत शीघ्र भिजवाया जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सही ढंग से पूरा किया जा सके।

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