ज्वाला देवी मंदिर में प्रज्वलित हैं 790 अखंड ज्योत, 9.50 क्विंटल तेल और 1.50 क्विंटल घी की व्यवस्था
27 साल से शिवराज सिंह चौहान के नाम से जल रही ज्योत, विदेशों से भी ऑनलाइन बुकिंग; 24 अक्टूबर को होगा भंडारा
विदिशा। दुर्गानगर स्थित प्रसिद्ध ज्वाला देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र के दौरान 790 अखंड ज्योत श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई हैं। नौ दिनों तक ज्योत प्रज्वलित रखने के लिए 9.50 क्विंटल तेल और 1.50 क्विंटल देशी घी की व्यवस्था की गई है। मंदिर के महंत रामेश्वर दयाल चतुर्वेदी के मार्गदर्शन और श्रद्धालुओं के सहयोग से ज्योत की देखरेख की जा रही है।
मंदिर की पहली मंजिल पर बने विशाल हॉल में विशेष रैक पर पांच-पांच की पंक्तियों में दीपक सजाए गए हैं। अखंड ज्योत की नियमित देखरेख के लिए 15 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नवरात्र के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर में 24 अक्टूबर को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
तीन स्वरूपों में दर्शन देने की मान्यता
महंत रामेश्वर दयाल चतुर्वेदी के अनुसार, मान्यता है कि माता ज्वाला दिन में तीन बार अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देती हैं। सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक 35 वर्षीय महिला, दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक वृद्धा और शाम 4 से रात 7 बजे तक कन्या स्वरूप में दर्शन होने की मान्यता है।
विदेशों से भी कराते हैं अखंड ज्योत प्रज्वलित
मंदिर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम से पिछले 27 वर्षों से अखंड ज्योत प्रज्वलित की जा रही है। अमेरिका निवासी महेंद्र कुमार मंडलोई भी पिछले 30 वर्षों से नियमित रूप से ज्योत जलवाते हैं। दुबई, मॉरीशस सहित अन्य देशों में रहने वाले अप्रवासी भारतीय और वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस अधिकारी भी हर साल अपने नाम से अखंड ज्योत प्रज्वलित करवाते हैं। मंदिर में इसके लिए विदेशों से ऑनलाइन बुकिंग भी की जाती है।
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